नई दिल्ली :– दिल्ली में उपराज्यपाल की शक्तियों को स्पष्ट करने वाला विधेयक सोमवार को संसद में पेश होने के बाद राजधानी में राजनीतिक जंग शुरू हो गई है।अधिकारों की लड़ाई पर एक बार फिर दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार ने आक्रामक रुख तैयार कर लिया है।
आम आदमी पार्टी के दिल्ली इकाई के संयोजक गोपाल राय की ने प्रेस वार्ता कर आज कहा कि बुधवार को 2 बजे से जंतर-मंतर पर पार्टी के कार्यकर्ता, पार्षद, विधायक, मंत्री, सांसद, सीएम दिल्ली को लेकर केंद्र के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
संसद के उच्च सदन में विधेयक पास न हो सके, इसे लेकर पार्टी द्वारा विपक्ष के सांसदों से भी संवाद किया जा रहा है। हम सारी संभावनाओं को देख रहे हैं, कानूनी राय भी ले रहे हैं। दिल्ली में लोकतंत्र को खत्म किया जा रहा है। निगम उपचुनाव में जीरो सीट पाने के बाद भाजपा को निगम में अपना भविष्य नजर आ रहा है।
उन्होंने कहा कि आप का दिल्ली से लेकर गुजरात तक समर्थन बढ़ रहा है। उससे भाजपा चोर दरवाजे से दिल्ली की चुनी हुई सरकार को कमजोर करने में जुट गई है। भाजपा की मंशा इस अध्यादेश से साफ हो गई है। इससे पहले भी गृह मंत्रालय के द्वारा एक आदेश पारित किया था जिससे एलजी को सारी फाइल भेजे गई, ये लोग दिल्ली सरकार को ठप करने में जुट गए थे।
एक बार फिर से केंद्र सरकार ऐसा करने में जुट गई है। हाल ही में दिल्ली सरकार ने देशभक्ति बजट पेश किया है। कई योजनाओं को दिल्ली में लागू करना है। बजट में जितने प्रस्ताव जो दिल्ली सरकार ने लिए हैं वे अब एलजी की मेहरबानी पर निर्भर करेंगे।
इससे पहले आप पार्टी के सांसदों ने आज संसद भवन परिसर में केंद्र सरकार के दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र शासन (GNCTD एक्ट में बदलाव) के लिए संशोधन बिल लाने के लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य और वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदल रही है।