New Delhi (15/12/2021): दिल्ली में लगातार केजरीवाल सरकार द्वारा लाई गई नई शराब नीति का बीजेपी विरोध कर रही है इसे लेकर आज दिल्ली बीजेपी प्रदेश कार्यालय में बीजेपी दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल सरकार नई आबकारी नीति के तहत हर एक वार्ड में 3-3 दुकानें खोल रही है। आजादी के 75 साल के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ है जब बाज़ार, विद्यालय और सार्वजनिक स्थान में शराब की दुकाने खोली गई हों।
आदेश गुप्ता ने बताया की बीजेपी केजरीवाल सरकार की शराब नीति के विरुद्ध 17 दिसंबर को सद्बुद्धि प्रार्थना सभा का आयोजन करेगी। उसके बाद 21 दिसंबर से 31 दिसंबर तक भाजपा दिल्ली द्वारा केजरीवाल सरकार की शराब नीति के विरुद्ध हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा।
आदेश गुप्ता ने कहा कि अगर केजरीवाल सरकार अपनी नई शराब नीति को वापस नहीं लेती तो 3 जनवरी को दिल्ली भाजपा के कार्यकर्ता पूरी दिल्ली में चक्का जाम करेंगे। भाजपा आबकारी नीति के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है और इसका पुरजोर विरोध करती रहेगी।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता रामवीर सिंह विधुरि ने कहा कि इस नई शराब आबकारी नीति के हर बिंदु में भ्रष्टाचार है और केजरीवाल सरकार इसे अविलंब वापस ले या जनता को स्पष्टीकरण दे। भाजपा केजरीवाल सरकार की नई शराब नीति का हर स्तर पर विरोध करेगी। भाजपा शुरु से ही नई शराब नीति को लेकर शंकित थी क्योंकि इसमें भ्रष्टाचार की बू आ रही है।
आपको बतादें कि दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति के तहत बैंक्विट हॉल, फार्म हाउसों, मोटलों और ऐसे अन्य स्थानों के लाइसेंस प्राप्त परिसरों में शादी समारोहों, पार्टियों और अन्य कार्यक्रमों में शराब परोसने के लिए अस्थायी पी-10 लाइसेंस की जरूरत नहीं होगी। पी-10 लाइसेंस की जगह एक साल के लिए एल-38 लाइसेंस लेना होगा जिसे 5 से 15 लाख रुपये के शुल्क के भुगतान पर दिया जाएगा और यह राशि लाइसेंस प्राप्त परिसर के आकार पर निर्भर करेगी।