नई दिल्ली (12/02/2022): नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के पूर्व अधिकारी समीर वानखेडे को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की तरफ से बड़ी राहत मिला है। कल यानी शुक्रवार को मामले की सुनवाई करने हुए आयोग ने माना कि समीर वानखेडे अनुसुचित जाति के हैं। इसके साथ ही काफी महीनों से चल रहे इस मामले में समीर वानखेड़े को राहत मिला है।
बता दें कि महाराष्ट्र कैबिनेट के मंत्री नवाब मलिक ने नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के पूर्व अधिकारी समीर वानखेड़े पर फर्जी सर्टिफिकेट से नौकरी पाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि वानखेडे मुस्लिम थे, वे अनुसूचित जाति महार समुदाय के नहीं थे और समीर वानखेड़े ने नकली जाति सर्टिफिकेट के जरिए UPSC की परीक्षा पास की थी
इस मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने कहा कि जबरन वसूली मामले की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी को भंग करने की जरूरत है, क्योंकि एससी-एसटी अधिनियम के तहत प्राथमिकी से पहले एसआईटी का कोई प्रावधान नहीं है। एससी-एसटी पीओए अधिनियम, 1989 के तहत याचिकाकर्ता को निशाना करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज करने की जरूरत है। साथ ही पूछताछ के नाम पर याचिकाकर्ता को पुलिस परेशान नहीं कर सकती है। इस मामले की रिपोर्ट 7 दिनों के भीतर आयोग को प्राथमिकी की प्रति के साथ पेश करने के लिए कहा गया है।