ग्रेटर नोएडा में पीसीआर के नंबर बंद.
ग्रेटर नोएडा में पुलिस को हाईटेक बनाने के लिए अथॉरिटी ने पीसीआर वैन सौंपा है, लेकिन इसका कोई फायदा पब्लिक को नहीं मिल रहा है। शहर में लगी 22 पीसीआर में से सिर्फ 4 के नंबर चालू हालत में हैं।
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी अथॉरिटी एक पीसीआर को प्रतिमाह 240 लीटर पेट्रोल के साथ एक ड्राइवर दी है। पीसीआर पर एक एसआई, 2 महिला कांस्टेबल, 2 पुरूष कांस्टेबल सहित 5 लोग रहते हैं। पीसीआर को किसी वारदात पर मौके पर पहुंचने के लिए मोबाइल दी गई है। ताकि किसी के फोन को वह रिसीव करें और यदि कोई मिस्ड कॉल भी कर दे, तो कॉल बैक करके उसकी समस्या सुनकर घटना स्थल पर पहुंचे, लेकिन शहर में लगी 22 पीसीआर में से 4 के ही नंबर चालू हालत में हैं। ग्रेटर नोएडा में लगी 22 पीसीआर की मोबाइल नंबरों को चेक किया गया। जिसमें पाया गया कि पीसीआर नंबर 54, 56, 57, 58, 59, 60, 61, 63, 64, 65, 66, 69, 70, 71, 72, 73, 74, 75 के मोबाइल नंबर बंद चल रहे हैं। सिर्फ 55, 62, 67 और 68 पीसीआर के नंबर ही चालू हालत में हैं। कॉल करने पर पीसीआर 67 ने रिसीव किया और मिस्ड कॉल की रिप्लाई भी की। जबकि पीसीआर 55, 62 और 67 ने कोई जवाब नहीं दिया।
थानों के नंबर बंद
ग्रेटर नोएडा में 11 थाने हैं। जिनमें लैंड लाइन नंबर भी लगा हुआ है। लेकिन थाने के लैंड लाइन नंबर चालू हालत में नहीं हैं। सभी नंबर लंबे अर्से से बंद पड़े हैं और उसे पुलिस अफसर ठीक कराने को तैयार नहीं हैं।
सीयूजी नंबर भी बंद
ग्रेटर नोएडा में स्थित सभी थानों को एक-एक सीयूजी नंबर भी दिए गए हैं। लेकिन यह नंबर भी अक्सर बंद पड़े मिलते हैं। सूरजपुर, कासना, जारचा और रबूपुरा थाने के सीयूजी नंबर चालू हालत में हैं, जबकि बिसरख, ग्रेटर नोएडा, दनकौर, दादरी, बादलपुर, जेवर थाने के सीयूजी नंबर बंद पड़े हैं।
फोन नहीं उठाती पुलिस
लोगों की यह भी शिकायत है कि पुलिस कॉल रिसीव नहीं करती है। सीयूजी नंबर पर आने वाली कॉल को पुलिस अक्सर नहीं रिसीव करती है। जबकि कई बार कॉल रिसीव करने के बाद भी संतोष जनक जवाब नहीं दिया जाता है।
सभी पीसीआर को मोबाइल नंबर चालू हालत में रखने का निर्देश दिया गया है। जिस पीसीआर के नंबर बंद पड़े हैं, उनके बिल नहीं जमा हैं। सभी थानों को संबंधित पीसीआर की मोबाइल को तत्काल चालू करने का निर्देश दिया गया है।
—ब्रिजेश सिंह, एसपी देहात, ग्रेटर नोएडा
Comments are closed.