प्राधिकरण के उद्यान विभाग में हुए 225 करोड़ रुपये के घोटाले की जाँच रिपोर्ट सार्वजनिक करने तथा घोटाले के आरोपी श्री रमेश चंद्रा तथा श्री मुकेश कुमार की निलंबन वापसी के आदेश रदद करने की मांग को लेकर ज्ञापन पत्र।
महोदय,
जैसा की विदित है कि फ़रवरी 2012 में ग्रेटर नोएडा औधोगिक विकास प्राधिकरण के उद्यान विभाग में 225 करोड़ रुपये का मामला प्रकाश में आया था। जिस पर आपके द्वारा विभागीय जाँच बिठाई गई थी लेकिन लगभग 3 वर्ष बीत जाने के बाद भी यह जाँच रिपोर्ट सार्वजनिक नही कि गई है।
यह प्राधिकरण के जिम्मेदार अधिकारियों कि शैली अनैतिकता से भरी हुई तथा भ्रष्टाचार को लेकर संवेदनहीनता को दर्शाती है। बड़े दुर्भाग्य की बात है कि उद्यान विभाग के घोटाले की जाँच रिपोर्ट सार्वजनिक नही की गई है। यहाँ तक कि विभागीय जाँच में प्रथम दृष्टया दोषी पाये गए उद्यान विभाग के तत्कालीन वरिष्ठ प्रबंधक श्री रमेश चन्द्र ,प्रबंधक वन श्री उमेश चंद्रा, प्रबंधक 2 श्री मुकेश कुमार का आपके द्वारा सहानुभूति पूर्वक निलंबन रद्द कर दिया गया है जबकि इन आरोपियों के आरोप पत्र दिए जा चुके है और 225 करोड़ रूपये के घोटाले में इन तीनो अधिकारीयों कि भूमिका काफी बड़ी है । उक्त तीनो अधिकारी यादव सिंह के प्राधिकरण में इंजीनियर इन चीफ पद का पदभार ग्रहण करते समय उनके इर्द – गिर्द ही थे। इन अधिकारीयों के यादव सिंह तथा पूर्व मुख्यमंत्री के परिवार के लोगो से काफी घनिष्ट सम्बन्ध रहे है, हम ग्रेटर नोएडा के समस्त नागरिक एवं सामाजिक संगठनो के लोग आपसे अनुरोध करते है कि मामले का गंभीरता पूर्वक संज्ञान लेकर इन तीनो भ्रष्ट अधिकारीयों के प्राधिकरण में बहाली के आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त करने संबंधी आदेश जारी करने का कष्ट करे तथा जाँच रिपोर्ट एक सप्ताह के अंदर सार्वजनिक करें अन्यथा प्राधिकरण के खिलाप बड़े स्तर पर आन्दोलन चलाया जायेगा।
धन्यवा
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