नई दिल्ली:– देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कल सुबह 11 बजे एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज की 95 वीं वार्षिक बैठक और उप-कुलपतियों के राष्ट्रीय सेमिनार को संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री किशोर दा मकवाना द्वारा लिखित बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के जीवन पर आधारित चार पुस्तकें– डॉ। अंबेडकर जीवन दर्शन, डॉ। अंबेडकर विचार दर्शन, डॉ। अंबेडकर राष्ट्र दर्शन और डॉ। अंबेडकर श्याम दर्शन भी जारी करेंगे।
इस आयोजन की मेजबानी डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर ओपन यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद द्वारा की जा रही है। गुजरात के राज्यपाल और मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे। मीट के दौरान ‘नेशनल एजुकेशनल पॉलिसी-इम्प्लीमेंटिंग नैशनल एजुकेशनल पॉलिसी -2020 टू ट्रांसफॉर्म हायर इन इंडिया’ विषय पर कुलपतियों की राष्ट्रीय संगोष्ठी भी आयोजित की जा रही है।
इसका उद्देश्य हाल ही में शुरू की गई राष्ट्रीय नीति- 2020 के लिए कार्यान्वयन रणनीतियों को प्रभावी ढंग से अपने प्राथमिक हितधारकों, छात्रों के हित में नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने की योजना है। वार्षिक बैठक 1925 में डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन और डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे आढ़तियों के संरक्षण में स्थापित एआईयू के 96 वें स्थापना दिवस को मनाएगी और जश्न मनाएगी।
एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटी देश में उच्च शिक्षा का एक प्रमुख शीर्ष निकाय है, जो इस वर्ष 14 और 15 अप्रैल, 2021 को अपनी 95 वीं वार्षिक बैठक आयोजित कर रहा है। मीट एक अवसर है, जो एआईयू के लिए अपनी पिछले साल की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए, अपनी वित्तीय उपस्थिति को प्रस्तुत करता है। बयान और आगामी वर्ष के लिए गतिविधियों की योजना का परिसीमन। यह सदस्यों को जोनल वाइस-चांसलर मीट की सिफारिशों के बारे में सूचित करने और वर्ष भर में आयोजित अन्य चर्चाओं का भी एक मंच है।
एआईयू के प्रेसिडेंट डॉक्टर तेज प्रताप ने टेन न्यूज से बातचीत में बताया की पूरे साल इस बात पर चर्चा करते रहे कि कोरोना की मार किस तरीके से शिक्षा व्यवस्था पर पड़ रही है यह चिंता का विषय बना रहा इसके साथ ही जो नई शिक्षा नीति आयी है वो इस कोरोना काल में किस तरह से कारगर साबित होगी इसको हम किस तरह से लागू कर सकते है।
उन्होंने बताया कि इस बार की वार्ता में हम सबसे अहम मुद्दा यही रखेंगे की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को हमे पूरे देश में किस तरह से लागू करना है जिससे कि हमे इसके सही रिजल्ट मिल सके तो उसके लिए हमे क्या क्या करने की आवश्यकता है।
ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर डॉक्टर तेज प्रताप ने कहा कि पहले ऑनलाइन क्लासेज को लेकर छात्र तैयार भी हो जाते थे लेकिन कई बार टीचर इसको लेकर सोचते थे किए कैसे होगा लेकिन पिछले 1 साल में हमने ऑनलाइन पढ़ाई को देश में काफी अच्छी तरीके से लागू कर पाए हैं उन्होंने कहा कुछ छात्र ऐसे हैं जिनके पास ऑनलाइन पढ़ाई के माध्यमों की कमी है जिसके कारण उनको ऑनलाइन पढ़ाई करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
ऑनलाइन क्लासेज के चलते हैं पेरेंट्स की फीस के प्रति बढ़ती नाराजगी को लेकर डॉक्टर तेज प्रताप ने बताया की यह मामला कई बार उनके सामने आया है कि छात्रों के माता पिता का कहना है कि ऑनलाइन पढ़ाई में भी उनसे रेगुलर पढ़ाई की फीस ली जा रही है उन्होंने कहा यह बहुत ही ज्वलनशील मुद्दा है और ऐसा नहीं होना चाहिए यह मैं भी मानता हूं इसके लिए सिस्टम में बदलाव लाना आवश्यक है।