अयोध्या में सरगर्मियों के बीच जानें क्या है राम जन्मभूमि पर ग्रेटर नोएडा वासीयों की राय
Abhishek Sharma
Greater Noida (25/11/18) : 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले एक बार फिर राम मंदिर का मुद्दा गर्म हो गया है। सभी राजनैतिक पार्टियां अब चुनावों में हथियार के तौर पर राम मंदिर को इस्तेमाल करने के लिए कमर कस रही हैं।
अयोध्या में 25 नवबंर को श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर निर्माण के संकल्प के लिए होने वाली धर्म सभा में शामिल होने के लिए बनारस से विहिप व बजरंग दल के कार्यकर्ता आज अयोध्या में पहुँच गए हैं। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ छत्रपति शिवाजीकी मिटटी साथ में लेकर राम मंदिर बनवाने का संकल्प लेकर अयोध्या पहुँच चुके हैं।
बनारस से अयोध्या जाने के लिए कार्यकर्ता ट्रेन, बसों व निजी वाहनों से पहुंच रहे है। वही कैंट स्टेशन से अयोध्या रवाना होने से पहले बजरंग दल के पदाधिकारियों ने बताया कि बनारस से दस हजार की संख्या में बजरंगी शामिल हो रहे हैं। लगभग 350 लोग ट्रेन से रवाना हुए।
उधर कल काशी प्रांत के प्रांत प्रचारक रमेश ने कहा था कि अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर जल्द बने यह सभी हिंदुओं की आकांक्षा है। धर्मसभा सरकार को बल प्रदान करने विरोधियों को चेतावनी देने और कोर्ट को जन भावनाओं से अवगत कराने के लिए आयोजित की गई है। कोर्ट पर हम दबाव तो नहीं बना सकते लेकिन देश के बहुसंख्यक हिंदुओं की भावनाओं से अवगत जरूर करा सकते हैं। विहिप की ओर से शनिवार को भी कार्यकर्ता अयोध्या जाएंगे।
इसी गर्मागर्मी के माहौल के बीच टेन न्यूज़ ने राम मंदिर के निर्माण पर ग्रेटर नोएडा में लोगों की राय जानी कि लोग मुद्दे पर क्या चाहते हैं।
जब लोगो से पूछा गया कि क्या राम मंदिर का निर्माण होना चाहिए तो उन्होंने कहा कि निश्चित ही राम मंदिर का निर्माण होना चाहिए लेकिन कोर्ट और कानून के हिसाब से। अयोध्या श्री राम की जन्भूमि है इसलिए यह बनता है की वहाँ राम मंदिर का निर्माण कराया जाये, लेकिन राम मंदिर के निर्माण में किसी अन्य धर्म की भावनाएं आहत न हो यह ध्यान में रखना जरूरी है क्योंकि सभी धर्मों के अपने भगवन होते हैं और कोई भी अपने धर्म का अपमान सहन नहीं कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट को इस बारे में जरूर विचार करना चाहिए और राम मंदिर का निर्माण जल्द से जल्द कराया जाए। सभी राजनैतिक दल राम मंदिर पर सिर्फ चुनावों के समय बात करती हैं। जैसे ही चुनाव नजदीक आते हैं तो मुद्दा गरमा जाता है इसके बाद इस मामले को ठन्डे बास्ते में डाल दिया जाता है।
वहीं एक अन्य व्यक्ति ने इस बारे में बताया कि अयोध्या श्री राम की जन्मभूमि है अगर कोई व्यक्ति किसी की जमीन पर कब्ज़ा मात्र कर लेता ही तो उससे जमीन कब्ज़ा करने वाले क नाम पर तो हो नहीं जाती है, जमीन तो उसी के नाम रहती है जिसके नाम पर दस्तावेज होते हैं। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार से अयोध्या हमारे इष्ट देवता भगवन रामचंद्र की जन्मभूमि है वह पर मस्जिद का निर्माण करा देने से भगवन राम की जन्भूमि बदलेगी नहीं। राम मंदिर मुद्दे पर नेताओं को राजनीती छोड़कर उसका निर्माण कैसे हो इस बारे में बात करनी चाहिए।
ग्रेटर नोएडा के एक नागरिक ने राम मंदिर को राजनैतिक पार्टिय के लिए चुनाव का हथकंडा बताते हुए कहा कि अगर राम मंदिर को लेकर राजनीती करनी है तो सच्ची राजनीती करें। अगर राम मंदिर के निर्माण की हामी चुनावों के दौरान भरते हैं तो उसे पूरा भी करें। राम मंदिर के नाम पर करोड़ों हिन्दुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई जाती है। सुप्रीम कोर्ट ने भी इसी महीने होने वाली सुनवाई को फिर से अटका दिया है जो कि गलत है। एक बार सही से फैसला करके राम मदिर का निर्माण कराया जाना चाहिए। उन्होंने देश के प्रधानमंत्री से गुजारिश करते हुए कहा कि उन्होंने 2014 के चुनाव के दौरान भी राम मंदिर का मुद्दा उठाया था जिसकी वजह से शायद जनता ने भी उन्हें वोट दी थी लेकिन इस बार जनता किसी के बहकावे में नहीं आने वाली है। चुनावों से पहले अगर राम मंदिर के पक्ष में कोई फैसला आता है तो ही जनता बीजेपी को वोट देगी अन्यथा की स्थिति में सर्कार गिरा दी जाएगी।