नई दिल्ली :- दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने प्रेसवार्ता को सम्बोधित कर आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल सरकार अपने महिमामंडन में इतनी व्यस्त है कि उसके पास कोविड की स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू करने का समय ही नहीं है। उन्होंने कहा कि आज दिल्ली सरकार की अपनी कोविड व्यवस्थायें ठप्प हो चुकी हैं और वह पूरी तरह निजी अस्पतालों पर आश्रित नजर आ रही है।
आदेश गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में कोविड संक्रमण की चौथी लहर लगभग दस दिन से तेजी पर है, लेकिन केजरीवाल सरकार ने आज तक एल.एन.जे.पी. सहित अपने किसी भी बड़े अस्पताल को पूरी तरह कोविड समर्पित नहीं किया। कल अचानक 14 बड़े निजी अस्पतालों को 100 प्रतिशत कोविड समर्पित करने की घोषणा से साफ है कि सरकारी अस्पताल कोविड से लड़ाई के लिए तैयार नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों में कोविड का इलाज बहुत महंगा है। जिसके चलते आज दिल्ली में हजारों गम्भीर मरीज खुद को इलाज कराने में भी असमर्थ पा रहे हैं। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गत वर्ष दिल्ली में आयुष्मान भारत योजना लागू करने की घोषणा की थी पर इसे आज तक लागू नहीं किया गया जिससे दिल्ली के मरीज बहुत परेशान हैं।
आदेश गुप्ता ने कहा कि लगभग सारे देश में गरीब मरीज आयुष्मान योजना का लाभ उठा कर निजी अस्पतालों में अपना कोविड इलाज निःशुल्क करवा रहे हैं, लेकिन दिल्ली के मरीजों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने कहा कि इसी तरह दिल्ली में अधिकांश कोविड मरीजों को पंजीकरण के बावजूद सरकारी डाक्टरी सलाह, ऑक्सीमीटर एवं आवश्यकता पड़ने पर क्वारंटाइन सेन्टरों की सुविधा नहीं मिल पा रही।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि वह तुरंत सर्वदलीय बैठक बुला कर कोविड की चौथी नई लहर से लड़ने की योजना रखे। साथ ही दिल्ली सरकार पंजीकृत मरीजों के लिए डाक्टरी सलाह एवं अविलंब जांच केंद्रों के साथ ही क्वारंटाइन सेन्टरों की उपलब्धता को बढ़ाये और आयुष्मान भारत योजना को दिल्ली में लागू करने की घोषणा करें।
आदेश गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के सरकारी कालेज एवं स्कूलों का उपयोग क्वारंटाइन सेन्टर या अस्थाई अस्पताल के रूप में करने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद है कि आज जब दिल्ली के अधिकांश रोगी को खास कर ऑक्सीजन बेड एवं वेंटिलेटरों की आवश्यकता है, ऐसे वक्त पूरा सरकारी तंत्र एवं सत्ताधारी आम आदमी पार्टी केन्द्र सरकार के द्वारा चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान को विवादित करने में लगे हैं।