निर्दोष साबित होने के बाद पूर्व डीएम बीएन सिंह ने कहीं बड़ी बात , नोएडा के गणमान्य लोगों ने दी अहम प्रतिक्रिया
Ten News Network
नोएडा :– नोएडा के पूर्व डीएम ब्रजेश नारायण सिंह को क्लीन चिट मिल गई है, पिछले साल कोरोना रोकथाम में लापरवाही बरतने के आरोप लगने के बाद उनका ट्रांसफर रेवेन्यू बोर्ड में कर दिया गया था।
बता दे कि सीएम योगी आदित्यनाथ के दौरे के बाद उनके ऊपर ये कार्रवाई की गई थी. एक साल से भी ज्यादा वक्त तक चली जांच के बाद उन्हें क्लीन चिट दे दी गई है। उन पर लगाए गए सभी आरोप राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने खारिज कर दिए हैं।

दरअसल, पिछले साल मार्च में सीएम योगी ने नोएडा का दौरा किया था. उसके बाद 2009 बैच के आईएएस अफसर बीएन सिंह को कोरोना रोकथाम में लापरवाही बरतने और ढिलाई करने का दोषी मानते हुए 30 मार्च को रेवेन्यू बोर्ड में ट्रांसफर कर दिया गया था. उन्हें गौतमबुद्ध नगर जिले के डीएम पद से हटा दिया गया था. साथ ही उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई के लिए जांच भी शुरू की गई थी।
साल भर तक चली चिकित्सा स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के प्रमुख सचिव की जांच में उन्हें दोषी नहीं पाया गया है, इन सभी आरोपों को गलत पाया गया है। जिसके बाद बीएन सिंह के खिलाफ चल रही अनुशासनिक कार्रवाई को भी खत्म कर दिया गया है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने पिछले साल मार्च में जब कोरोना संक्रमण देश में फैलना शुरू हुआ तो अफसरों की क्लास लगानी शुरू कर दी थी. उन्होंने एक मीटिंग के दौरान उस वक्त के डीएम बीएन सिंह को फटकार लगाते हुए कहा था- “ये बकवास बंद करो. अपना बकवास कर करके आप लोगों ने पूरा माहौल खराब हो गया है यहां पर. जिम्मेदारियों का निर्वहन के बजाए एक दूसरे पर दोष डाल रहे है।

वही इस मामले में टेन न्यूज़ ने नोएडा के पूर्व डीएम बीएन सिंह से बातचीत की , जिसमे उन्होंने बताया कि मुझ पर जो आरोप लगाए गए थे , उसमे में निर्दोष पाया गया हूँ , मेने अपनी जिम्मेदारी को पूर्ण तरीके से निभाया था। साल भर तक चली चिकित्सा स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के प्रमुख सचिव की जांच में मुझे दोषी नहीं पाया गया है, सभी आरोपों को गलत पाया गया है। जिसके बाद मेरे खिलाफ चल रही अनुशासनिक कार्रवाई को भी खत्म कर दिया गया है।
साथ ही उन्होंने कहा की शुरुआती जाँच में आरोपों को हटाने का निर्णय राज्य सरकार ने लिया है। मुझे यह न्याय देने के लिए मैं सरकार का दिल से आभारी हूं। सभी लोगों ने हर स्तर पर मुझे सहयोग किया, साथ ही निष्पक्ष जांच की गई।

वही पूर्व डीएम बीएन सिंह ने ट्वीट करते हुए कहा, “प्रारंभिक स्तर पर ही आरोपों को हटाने का निर्णय राज्य सरकार ने लिया है। मुझे यह न्याय देने के लिए मैं सरकार का दिल से आभारी हूं। सभी लोगों ने हर स्तर पर मुझे सहयोग किया। निष्पक्ष जांच की गई। उत्कृष्ट पेशेवर मापदंडों का पालन किया गया। मैं ऐसे सभी लोगों के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उन्हें खुश रखें। मैं समाज के सभी दृश्य और अदृश्य लोगों का आभारी हूं, जिन्होंने मुझ पर विश्वास किया और मेरे लिए शुभकामनाएं प्रेषित करते रहे। इस समय में जो लोग मेरे साथ खड़े रहे, भगवान उन्हें आशीर्वाद दें। ईश्वर इस महत्वपूर्ण समय पर समाज को आशीर्वाद दें। जिससे यह अस्तित्व संबंधित संकट समाप्त हो जाए।”
वही इस मामले एनपीसीएल के पूर्व अधिकारी राजीव गोयल ने कहा की पूर्व डीएम बीएन सिंह के बारे में हमें पहले से पता था कि वो निर्दोष साबित होंगे , क्योंकि कोरोना समय मे उन्होंने बहुत कार्य किए है , कुछ लोग होते है जिनको काम समझ मे आता है , किसी को नही । साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार को जाँच करने का समय इसलिए ज्यादा क्योंकि उस समय से कोरोना महामारी चल रही है , सरकार के सभी प्रशासनिक अधिकारी व्यस्त थे , जिसके चलते जाँच लंबी चली है , अगर यह कोरोना महामारी नही होती तो जाँच जल्दी हो जाती।
नोफा संस्था के अध्यक्ष राजीव सिंह ने कहा कि मुझे उम्मीद थी कि नोएडा के पूर्व डीएम बीएन सिंह निर्दोष साबित होंगे , मैने उन्हें बधाई भी दी। साथ ही उन्होंने कहा की पूर्व डीएम सिंह ने गौतमबुद्ध नगर में बहुत अच्छे कार्य किए है , तीन साल तक उन्होंने जिलाधिकारी के रूप में काम किया है। उस कार्यकाल के दौरान उन्होंने बदमाशों और भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त कार्यवाही भी की। जो एक जिलाधिकारी की जिम्मेदारी होती है , उस जिम्मेदारी को पूर्ण तरीके से बीएन सिंह ने निभाया है।
फोनरवा संस्था के महासचिव के के जैन ने कहा कि पूर्व डीएम बीएन सिंह ने बहुत अच्छे कार्य किए है। गौतमबुद्ध नगर को भूमाफिया और बदमाशों से मुक्त करवाया था , मुझे 100 प्रतिशत पता था कि डीएम बीएन सिंह निर्दोष है , कहते है कि सत्य की हमेशा जीत होती है , उसका उदाहरण यह है।