गौतमबुद्ध नगर जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से 26 नवंबर से शुरू होगा खरसा और रुबैला टीकाकरण अभियान ।

Lokesh Goswami Ten News

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नॉएडा के जिला अस्पताल के सीएमओ अनुराग भार्गवा ने आज प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि यूपी में जर्मन खसरा रोकने के लिए रुबैला का मुफ्त टीकाकरण किया जाएगा। अभी तक सिर्फ खसरा रोकने के लिए ही टीका लगता रहा है। यह टीका खसरा मीसल्स के टीके के साथ मिलाकर तैयार किया गया है। खसरे के टीकाकरण के लिए अभी तक 9 माह पर एम-1 और 16 माह पर एम-2 टीका लगता रहा है। जिन बच्चों को पहले खसरा का टीका लग चुका है उनके लिए भी दोबारा यह टीका लगवाना अनिवार्य है । जिससे बच्चों में प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो सके।

रुबेला एक व्यक्ति के खांसने या छींकने से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। यानि यह बीमारी हवा में काफी तेजी से फैलाती है। इसका वायरस सिर्फ इंसानों से ही फैलता है। रुबैला तेजी से फैलने वाली बीमारी है जिसके कारण गर्भवती महिलाओं में गर्भपात की संभावना होती है। वैसे तो रुबेला से हल्का बुखार और रैशेस होता है लेकिन अगर गर्भवती महिलाओं में यह बीमारी हो तो बच्चा दिव्यांग पैदा होता है। ऐसे में इस स्थिति को कांजेनाइटल रूबेला सिंड्रोम (सी०आर०एस०) कहते हैं। ऐसे बच्चे में कान और आंख से दिव्यांग होते हैं या फिर दिमागी तौर पर कमजोर, कई बच्चों में यह मधुमेह का कारण भी बन सकता है और इन सबके लिए उम्र भर दवाई लेनी पड़ती है। इस बीमारी का डर सबसे ज्यादा उन देशों में होता है जहां बच्चों और महिलाओं में प्रतिरोधक क्षमता कम होती है क्योंकि उनका टीकाकरण नहीं हुआ होता है।

भारत में अब भी 38 हजार के करीब बच्चे खसरे से जुड़े हुए कारणों से हर साल मरते हैं। जिन बच्चों को खसरा होता है उनकी प्रतिरोधक क्षमता बहुत कम होती है और वह बार बार दस्त और निमोनिया जैसी बीमारियों का शिकार होते हैं। इन बच्चों की उम्र अमूमन पांच साल से कम होती है।जिला गौतमबुद्ध नगर में 26 नवंबर से 7 लाख टीका लगाये जायेंगे।

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