नोएडा : रेड जोन से ग्रीन जोन में परिवर्तित हुए सेक्टर लेकिन प्रशासन नही हटा रहा है पाबंदी
Abhishek Sharma
नोएडा : बढ़ते कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए पूरा देश 3 मई तक लॉक डाउन पर है। यह लाॅकडाउन का देश में दूसरा चरण चल रहा है। देश में कोरोना की स्थिति गंभीर होती दिखाई पड़ रही है। वहीं गौतम बुद्ध नगर की बात करें तो यहां अब तक कोरोना के 138 पॉजिटिव मामले सामने आ चुके हैं। वही खुशी की बात यह है कि जितनी तेजी से मरीज सामने आ रहे हैं, उससे ज्यादा तेजी से मरीज ठीक भी हो रहे हैं।
जिन क्षेत्रों में कोरोना पॉजिटिव मामले मिले हैं, उनको रेड जोन घोषित कर दिया गया था। अगर 28 दिन बीत जाने के बाद इन स्थानों पर कोई मरीज सामने नहीं आता है, तो वापस ग्रीन जोन में परिवर्तित कर दिए जाएंगे।

ब्रिगेडियर (रि.) आशोक हाक का कहना है कि नोएडा के सेक्टर 28 व सेक्टर 37 में बीते 31 मार्च को कोरोना से संक्रमित मामले सामने आए थे, जिसके बाद दोनों सेक्टरों को रेड जोन घोषित किया गया था। इसके बाद 28 दिन तक यहां कोरोना का कोई नया मामला सामने नहीं आया। जिसके बाद जिला प्रशासन ने दोनों सेक्टरों को ग्रीन जोन घोषित कर दिया है। लेकिन पाबंदी अभी भी नही हटी हैं।
वहीं अरुण विहार आरडब्ल्यूए के चेयरमैन कर्नल (रि.) शशि वैद्य का कहना है कि दोनों सेक्टरों में पिछले 28 दिन से कोई नया कोरोना पॉजिटिव मामला सामने नहीं आया है। जिसके बाद जिला प्रशासन ने दोनों सेक्टरों को ग्रीन जोन में शामिल कर दिया है। लेकिन उसके बावजूद यहां पर पाबंदियां रेड जोन की तरह ही हैं।
दोनों सेक्टरों के गेट पर पुलिस बैठी हुई है। अभी भी लोगों के अंदर बाहर जाने आने पर पाबंदी है। कर्नल शशि वैद्य का कहना है जब दोनों सेक्टर ग्रीन जोन में शामिल कर दिए हैं तो यहां पर लगी हुई पाबंदियां भी हटाई जानी चाहिए। 29 अप्रैल को दोनों सेक्टर ग्रीन जोन में शामिल किए गए, लेकिन 2 दिन बीत जाने के बाद भी 1 मई को यहां स्थिति जस की तस है।
उन्होंने इस बारे में अधिकारियों से भी बात की लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका। उन्होंने मांग की है कि जब दोनों सेक्टर ग्रीन जोन में शामिल कर दिए गए हैं तो रेड जोन वाली पाबंदी यहां से जल्द से जल्द हटाई जानी चाहिए।
वहीं दूसरी और नोएडा के सलारपुर में भी एक महिला कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी। जिसका इलाज गाजियाबाद के अस्पताल में चल रहा है। बता दें कि सलारपुर महिला का ससुराल है। कोरोना पॉजिटिव मामला सामने आने के बाद भी सलारपुर को अब तक रेड जोन में शामिल नहीं किया गया है। हालांकि यहां पर पुलिस फोर्स तैनात है और लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
नोफा सदस्य रमिता तनेजा का कहना है, या तो सेक्टर को रेड जोन में शामिल किया जाए या फिर यहां से रेड जोन वाली पाबंदियां खत्म की जाए। इसके चलते जो कर्मचारी आवश्यक सेवाओं वाली कंपनियों में काम कर रहे हैं, उनकी भी आवाजाही पर रोक लगा दी है।
वही इस बारे में सर्विलांस ऑफिसर डॉक्टर सुनील दोहरे का कहना है कि सलारपुर में कोरोना पॉजिटिव महिला मिली थी जिसके चलते यह पाबंदियां लागू हैं। वहीं उन्होंने कहा कि सेक्टर 28 और सेक्टर 37 में जो पाबंदियां हैं वह आज समाप्त कर दी जाएंगी और सामान्य रूप से लॉक डाउन का पालन कराया जाएगा।