बिना जमीन हुए 21 हजार लोगों को भूखण्ड आंवंटन करना आपराधिक कृत्य- नागर
GREATER NOIDA TENNEWS REPORTER LOKESH GOSWAMI
सेक्टर 33 स्थित पूर्व मंत्री नवाब सिंह नागर के आवास पर एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री नवाब सिंह नागर ने कहा कि यमुना प्राधिकरण के पास जमीन का कब्जा नहीं था। ऐसे में भूखण्ड आवंटन करना एक आपराधिक कार्य है। सन् 2009 में 21 हजार लोगों को आवासीय भूखण्ड आवंटित किएगए जिसमें विकल्प के आधार पर कुछ आवंटियों से पूरा पैसा प्राधिकरण ने ले लिया कुछ से ब्याज सहित किश्तें वसूली जा रही है, पैनल ब्याज वसूला जा रहा है, इसके अलावा अतिरिक्त मुआवजे के नाम से 1330 प्रति मी अलग से वसूला जा रहा है। ऐसी स्थिति में हमारी प्राधिकरण से मांग है कि 2013 से जब तक कब्जा दिया जाता है इस समय को शून्य काल zero period ) घोश्ति किया जाए तथा प्राधिकरण 15 प्रतिशत की दर से विलम्ब राशि आवंटियों को दें। 1330 की अतिरिक्त वसली के आदेश वापिस लिए जाए।जमीन की उपलब्धता के लिए प्राधिकरण को चाहिए कि जेपी इन्फ्राटेक कंपनी को दी गई विवादित जमीन के निरस्तीकरण का प्रस्ताव मा उच्च न्यायालय को देकर जमीन प्राधिकरण वापिस ले। तथा इस जमीन से सर्वप्रथम किसानों को 10 प्रतिशत आबादी के भूखण्ड दिए जाए तत्पश्चात 21 हजार आवंटियों को इस पर भूखण्ड देकर समस्या का समाधा करें। इससे प्राधिकरण को भारी राजस्व का भी लाभ मिलेगा इससे किसानों का रूका मुआवजा भी अदा किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त बड़े भूखण्ड वालों को छोटे भूखण्ड में परिवर्तन का भी विकल्प दिया जाए इससे भी कम जमीन से अधिक लोगों का समायोजन हो सकेगा। इन मांगों को लेकर 27 दिसंबर यमुना प्राधिकरण का घेराव, विरोध प्रदर्शन किया जायेगा। आज की प्रेस वार्ता में अनिल गुप्ता संयोजक, साकेश शर्मा, एसपी गुप्ता, अमित त्यागी, सुनील नागर, बीएस रावत मौजूद रहे।