73 वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लाल किले पर जोरदार भाषण, जाने मुख्य बातें

Abhishek Sharma

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New Delhi (15/08/19) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 73वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया। सफेद कुर्ता और चूड़ीदार पायजामा तथा तीन रंगों वाला साफा पहने मोदी जब समारोह स्थल पर पहुंचे तो रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उनका स्वागत किया।

इसके बाद प्रधानमंत्री ने सलामी गारद का निरीक्षण किया. लाल किले पर पहुंचने से पहले मोदी राजघाट गए और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में देशव़ासियों को स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन की बधाई दी।



उन्होंने देश के कई हिस्सों में आई बाढ़ पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि लोगों की कठिनाइयों को कम करने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। पीएम मोदी ने अपने भाषण के दौरान किसानों, प्राकृतिक आपदा के पीड़ितों, डॉक्टरों, मुस्लिम महिलाओं समेत कई मुख्य बिंदुओं का जिक्र किया।

पीएम मोदी ने इस दौरान लाल किले से देश के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज जब देश आजादी का पर्व मना रहा है, उसी समय देश के अनेक भागों में अति वर्षा, बाढ़ के कारण लोग कठिनाइयों से जूझ रहे हैं। कई लोगों ने अपने स्वजन खोये हैं। मैं उनके परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं।

देश आजाद होने के बाद से इतने वर्षों में देश की शांति और सुरक्षा के लिए अनेक लोगों ने अपना योगदान दिया है। आज मैं उन सबको भी नमन करता हूं। नयी सरकार को 10 हफ्ते भी नहीं हुए हैं, लेकिन इस छोटे से कार्यकाल में सभी क्षेत्रों में हर प्रयास को बल दिए गए हैं, हम पूरे समर्पण के साथ सेवारत हैं।

अगर 2014 से 2019 आवश्यकताओं की पूरी का दौर था तो 2019 के बाद का कालखंड देशवासियों की आकांक्षाओं की पूर्ति का कालखंड है, उनके सपनों को पूरा करने का कालखंड है।

किसानों और छोटे व्यापारियों को 60 वर्ष की आयु के बाद आर्थिक सहारा देने के लिए पेंशन का प्रावधान किया गया है. जल संकट से निपटने के लिए, केंद्र और राज्य सरकार मिलकर योजनाएं बनाएं, इसके लिए एक अलग जल शक्ति मंत्रालय का गठन किया गया है।

‘सबका साथ, सबका विकास’ का मंत्र लेकर हम चले थे लेकिन 5 साल में ही देशवासियों ने ‘सबका विश्वास’ के रंग से पूरे माहौल को रंग दिया।

पांच साल पहले लोग हमेशा सोचते थे कि ‘क्या देश बदलेगा’ या ‘क्या बदलाव हो सकता है’? अब लोग कहते हैं कि- हां, मेरा देश बदल सकता है।

अनुच्छेद 370 को खत्म करके सरदार पटेल के सपने को पूरा किया। 370 पर हर दल के लोगों का समर्थन मिला। 370 की वकालत करने वालों से देश सवाल पूछ रहा है। 370 जरूरी था तो स्थाई क्यों नहीं किया गया।

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