नोएडा गेट पर ट्रैक्टर ट्राॅली लगाकर किसानों ने किया चक्का जाम, भारी पुलिस बल तैनात

ABHISHEK SHARMA

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संसद में पारित हुए कृषि विधायकों को लेकर किसान संगठनों ने आज शुक्रवार को भारत बंद का ऐलान किया है। उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा समेत देशभर के किसान कृषि से जुड़े इन विधायकों के विरोध में लामबंद हो रहे हैं। कृषि विधेयक का सबसे ज्यादा विरोध पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र में हो रहा है।

वहीं दूसरी ओर नोएडा में भी किसानों का सड़कों पर उतरना शुरू हो गया है। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले गौतमबुद्धनगर के किसान नोएडा गेट पर बैठ गये हैं। जिसके चलते नोएडा-दिल्ली बाॅर्डर पर वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है। स्थिति को देखते हुए गौतम बुद्ध नगर के पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह समेत आला अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। किसानों ने दोनों तरफ ट्रैक्टर ट्राॅली लगाकर आलाजाही को बंद कर दिया है।

भारतीय किसान यूनियन के गौतमबुद्धनगर मीडिया प्रभारी सुनील प्रधान ने बताया कि कृषि विधेयक के विरोध में भारतीय किसान यूनियन राजनैतिक संगठन के नेतृत्व में किसानों नें नोएडा को चक्का जाम कर दिया है। किसान सेक्टर 14 स्थित नोएडा गेट पर बैठे हैं।

वहीं, गाजियाबाद में भी किसान एकजुट हुए हैं। किसानों ने नेशनल हाई वे पूरी तरह से जाम कर दिया है। हजारों की संख्या में किसान यहां अपना विरोध जता रहे हैं।

भारतीय किसान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र यादव ने बताया कि उनके संगठन से जुड़े किसान नोएडा, गाजियाबाद, हापुड़, बागपत समेत कई जगहों पर कृषि बिल के विरोध में सड़क जाम कर रहे हैं।

भारतीय किसान यूनियन प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बताया कि 11:00 बजे से पूरे देश में चक्का जाम है। उन्होंने बताया कि यह बंद सिर्फ सड़कों पर रहेगा। रेल रोको का कोई आयोजन नहीं है। उन्होंने कहा कि शहर में प्रवेश करना है, दुकानों को बंद करने का प्रयास करना हमारे बंद के आयोजन में शामिल नहीं है। सिर्फ मुख्य मार्गों और गांव की सड़कों को जाम कर के विधेयक पर अपना सांकेतिक विरोध जताया जाएगा।

उन्होंने कहा कि दोगली विचारधारा वालों की राजनीति के दायरे से बाहर आकर किसानों के हितों में काम करने वाले तमाम संगठनों से इस बंद का समर्थन करने की अपील की गई है।

उधर, दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे, मंडोला आवासीय योजना और वेवसिटी में प्रदर्शन कर रहे किसानों ने भी चक्का जाम को समर्थन दिया है। इसके साथ ही कई राजनीतिक दलों ने भी भाकियू की अगुवाई में हो रहे चक्का जाम को समर्थन दिया है।

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