गांव से होकर जाता है विकास का रास्ता, जीएल बजाज की इंटरनेशनल कान्फ्रेंस में बोले राज्य सभा सांसद राकेश सिन्हा
जीएल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ़ टैक्नोलाॅजी एण्ड मैनेजमेंट, ग्रेटर नोएडा में तीन दिवसीय इन्टरनेशनल कान्फ्रेंस आॅन माॅर्डन इलैक्टाॅनिक्स डिवाइसस एण्ड कम्यूनिकेशन सिस्टमस (मैडकोम 2021) का आयोजन दिनांक 29.10.2021 से 31.10.2021 तक हुआ। जिसको काउंसिल ऑफ़ साइंस एण्ड टैक्नोलाॅजी (सी0एस0टी0, यू0पी0) एवं रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डी आर डी ओ) भारत सरकार द्वारा प्रायोजित किया गया। कोविड-19 महामारी देखते हुये कान्फे्रंस का आयोजन ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों मोड में किया गया। कान्फ्रेंस में संबधित लेखकों द्वारा 60 रिसर्च पेपर प्रस्तुत किये गये जिसमें माॅर्डन इलैक्टाॅनिक्स उपकरणों एवं कम्यूनिकेशन विषय के विभिन्न आयाम बतायें गये।
इस अवसर पर चीफ गेस्टस के रुप में (प्रो0) डाॅ0 राकेश सिन्हा-सांसद राज्य सभा एवं डाॅ0 विनीत कंसल, कुलपति डाॅ0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम, प्राविधिक विश्वविद्यालय, लखनऊ गेस्ट ऑफ़ आर्नर के रुप में उपस्थित रहे। इस अवसर उन्होनें कहा कि आज वही काॅलिज आगे बढ़ रहे है जिन्होनें अपनी गुणवत्ता को बनाये रखा है या सुधारा है एवं उन्होंने कहा कि आज के समय में विकास का रास्ता गांव से होकर जाता है और इस तरह की कान्फ्रेंस का आयोजन कर आधुनिक शिक्षा को और प्रभावी बनाया जा सकता है । संस्थान के वाइस चैयरमेन पंकज अग्रवाल ने कहा कि इंजीनियरिंग का क्षेत्र बहुत बड़ा है जहां पर नया करने की सम्भावना हमेशा बनी रहती है।
संस्थान के निदेशक, डाॅ0 राजीव अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत किया एवं समस्त डेलीगेट्स को कान्फ्रेंस की थीम से अवगत कराया। कान्फ्रेंस चेयर एवं विभागाध्यक्ष इलैक्ट्राॅनिक्स एण्ड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग डाॅ सतेन्द्र शर्मा ने प्रौद्योगिकी में रुरल डवलपमेंट के समर्थन पर प्रकाश डाला एवं आखिर में सभी वक्ताओं का आभार व्यक्त किया।
डाॅ0 एससी शर्मा (रिजीनल साइंटिफिक आफिसर, सीएसटी, यूपी) एवं डाॅ राधेलाल (संयुक्त निदेशक, सीएसटी, यूपी) विशेष अतिथि रहे।
कान्फ्रेंस सेके्रटरी डाॅ0 दिनेश कुमार सिंह एवं कान्फ्रेंस कनवेनर डाॅ0 पीयूष यादव ने बताया कि सम्मेलन में 200 शोध पत्र प्राप्त हुये जिसमें प्रमुख भारतीय संस्थान जैसे आईआईटी, एनआईटी, दिल्ली टैक्नोलाॅजिकल यूनिवर्सिटी, नेताजी सुभाष टैक्नोलाॅजिकल यूनिवर्सिटी एवं जर्मनी, यूएसए, इथोपिया, कनाडा सहित सात देशों से भी रिसर्च पेपर प्राप्त हुये जिसमें से 60 रिसर्च पेपर का चयन किया गया।
इस अवसर पर काॅलिज के डीन स्टेटजी डाॅ शंशाक अवस्थी, समस्त एचओडी एवं कान्फ्रेसं आयोजन सदस्य मौजूद रहें।

