टेन न्यूज लाइव – योजना के कैंडिड टॉक शो में अंतर्राष्ट्रीय हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा ने साझा किए अनकहे किस्से

ABHISHEK SHARMA

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कोरोना काल में टेन न्यूज़ नेटवर्क लाइव कार्यक्रमों का आयोजन करता हुआ आ रहा है। जिसमें देश के कोने-कोने से विभिन्न हस्तियां प्रतिभाग कर रही हैं। इसी क्रम में टेन न्यूज के लाइव शो में जाने-माने अंतर्राष्ट्रीय कवि, हास्य कलाकार एवं पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा उपस्थित रहे। इस दौरान उन्होंने अपने जीवन से जुड़े ऐसे अनकहे लम्हे दर्शकों के साथ साझा किए, जिन्हें शायद अब से पहले कोई जानता हो।

आपको बता दें कि टेन न्यूज लाइव पर ‘Yojna’s Candid Talk Show’ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें देश के अलग-अलग क्षेत्रों के लोग अपने जीवन के अनसुने किस्से हमारे दर्शकों के साथ साझा करते हैं। कार्यक्रम का संचालन जर्मनी से योजना शाह जैन ने किया। उनकी संचालन शैली ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।

बचपन में सुरेंद्र शर्मा कैसे थे?

सुरेंद्र शर्मा ने बचपन की यादों को साझा करते हुए कहा कि बचपन में मुझे मेरा गांव सबसे प्रिय था। 4 साल तक मैं गांव में रहा। उसके बाद पिताजी शहर आ गए और यहां पर उन्होंने आयुर्वेदिक दवाइयों के उत्पादन का कार्य शुरू किया। उन्होंने बताया कि उनके पिताजी आयुर्वेद में आचार्य थे बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से और गांव में भी दवाइयों का कारखाना खोल रखा था।

उन्होंने बताया कि बचपन में कभी उनके पिताजी ने उन्हें खाली नहीं बैठने दिया। 10 साल की उम्र में स्कूल के बाद पिताजी फैक्ट्री बुला लेते थे और मैं वहां तमाम तरह के कार्य करता था। वे कभी मुझे खाली नहीं बैठना देना चाहते थे। पिताजी की यही आदत अब मुझे भी लग गई है, मैं भी कभी खाली नहीं बैठ सकता, कुछ ना कुछ करने के लिए चाहिए।

उन्होंने बताया कि मुझे खेलने कूदने का शौक नहीं था। उन्हें पतंग लूटना और उड़ाना बेहद पसंद था। हालांकि उसके चलते एक दो बार पिटाई हुई, तो वह भी छूट गया। उन्होंने बताया कि जब वह श्री राम कॉलेज में पढ़ते थे तो उनके दोस्तों का एक ग्रुप था जिसमें अक्सर हंसी मजाक चलता रहता था। उनका कहना है कि हंसने का अधिकार उसी को है जो अपने ऊपर हास्य झेल सकता है। काॅलेज से हास्य कलाकारी का कीडा उभरना शुरू हुआ।

उन्होंने बताया कि शादी से पहले ही वह काल्पनिक पत्नी पर कविता लिखना शुरु कर चुके थे। पत्नी पर हास्य व्यंग्य बनाते थे। उन्होंने बताया कि उनके पिताजी अक्सर कहा करते थे कि जिस तरह की तुम कविताएं लिखते तो तुम्हारी शादी नहीं होने वाली। इसी तरह सुरेंद्र शर्मा से अपने जीवन से जुडे कई किस्से साझा किए।

उन्होंने कहा कि मैं सभी माता-पिता उसे कहना चाहूंगा कि अपने बच्चे को इस लायक मत बनाओ कि वह किसी लायक ही ना रहे। अपने बच्चे को बड़ा मत बनाओ, बड़ा आदमी बनाओ। सबसे बड़ी बात तो है आज कोरोना में हम अपनी अलमारी खोलते हैं, तो देखते हैं कि हमने कितनी फिजूलखर्ची की है। तमाम तरह के कपड़े खरीद लिए, पहले यह कपड़े कम लगते थे, लेकिन अब यह सब फिजूलखर्ची लगता है।

TEN NEWS LIVE – Exclusive, Candid Talk with International Poet, Pride of India, Padma Shri Surendra Sharma.

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Posted by tennews.in on Saturday, October 10, 2020

उन्होंने कहा कि मैं हमेशा लोगों से कहता हूं कि ईश्वर पर भरोसा मत रखो। इस लायक बनो कि ईश्वर तुम पर भरोसा करें। हमेशा बढ़ावा प्रोजेक्ट हाथ में लो। उन्होंने कहा कि मनुष्य ईश्वर की सबसे घटिया कृति है। उसने नदिया, नाली, पोखर, तालाब, जीव, जंतु, पशु, पक्षी, चांद, सूरज सब बनाए। सबने अपना किरदार समझा और उसी हिसाब से कार्य किया। सिर्फ मनुष्य ऐसा है जिसने अपने किरदार के हिसाब से काम नहीं किया। काश मनुष्य भी उस हिसाब से काम करता तो पृथ्वी पर ही स्वर्ग होता, लोग मरने के बाद स्वर्ग नहीं ढूंढते।

उन्होंने कहा कि ईश्वर ने धर्म देश नहीं बनाए थे। ईश्वर ने एक धरती बनाई थी, जिसको मनुष्य ने देश धर्म के आधार पर बांट दिया। जिससे ईश्वर की भावनाओं को चोट पहुंची है। उसने हमें मानव बना कर भेजा था, हम इस धरती पर हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई के बंटवारे में बैठ गए। उन्होंने कहा कि धर्म को हमें कंधे पर बैठाकर आना चाहिए था, अब हम धर्म के कंधे पर बैठने लगे हैं। यह सबसे बड़ा अपराध है मनुष्य के जीवन का।

जीवन मे प्रेरक कौन रहा?

उन्होंने कहा कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के प्रति मेरा एक खास लगाव रहा। क्योंकि उस व्यक्ति ने स्कूल को ज्ञान से विज्ञान की ओर जोड़ा। अगर उस समय यह कदम नहीं उठाया जाता तो हमारा देश काफी पिछड़ा होता। आज भी कंप्यूटर, टेलीकम्युनिकेशन नहीं होती। इन्हीं की वजह से देश में तरक्की हुई है।

कार्यक्रम के दौरान लोगों ने अपने वीडियो संदेश भी सुरेंद्र शर्मा के लिए भेजे। लोगों ने मशहूर कवि एवं हास्य कलाकार सुरेंद्र शर्मा की तारीफों के कसीदे पढ़े और उन्हें अपना रोल मॉडल बताया। इस दौरान रैपिड फायर राउंड भी हुआ, जिसमें कवि सुरेंद्र शर्मा संचालिका योजना के सवालों के जवाब देते हुए दिखे।

हाथरस कांड पर बोलते हुए सुरेंद्र शर्मा ने आगे कहा कि इस देश में सोशल मीडिया को बंद कर दिया जाए। जो कि अनैतिक चीजें लोगों तक फैलाता है। जिस देश में मीडिया वाले पहले खबर दिखाते थे, आजकल खबर बनाते हैं। खबर बनाने वाले देश के अंदर बहुत घातक होते हैं। उन्होंने पत्रकारिता छोड़ बेचकारिता शुरू कर दी है।

कोरोना पर कहा कि कोरोना एक बेहद घातक बीमारी है। कोरोना में सोशल डिस्टेंसिंग नहीं होनी चाहिए, फिजिकल डिस्टेंसिंग होनी चाहिए। सरकार ने गलत व्याख्या की है। सोशल डिस्टेंसिंग का मतलब हमारी संस्कृति से दूर होना है। कोरोना में किसी की मौत हो रही है, तो परिवार वाले शमशान तक नहीं जा पा रहे हैं। इस बीमारी से देश को बचना होगा। कोरोना के खिलाफ डर और आतंक पैदा कर दिया है।

कार्यक्रम में जर्मनी के बर्लिन से बैठकर योजना साह जैन ने बेहद बखूबी इस कार्यक्रम का संचालन किया और अपने प्रश्नों के जरिए सुरेंद्र शर्मा की उन बातों को दर्शकों को अवगत कराया, जिन बातों को उनके प्रशंसक जानते ही नहीं थे।

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