नोएडा : वायु सेना भूमि घोटाले में हुई बड़ी कार्यवाही, 71 साल बाद रक्षा मंत्रालय के नाम हुई 161 एकड़ जमीन 

Ten News Network

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नोएडा के नंगला नंगली और नंगली साकपुर गांवों में हुए वायु सेना भूमि घोटाले में हुई कार्रवाई अंजाम तक पहुंच गई है। जिला प्रशासन ने वायु सेना की 400 करोड़ रुपये की 161 एकड़ भूमि रक्षा मंत्रालय के नाम दर्ज कर दी है। वायु सेना की जमीन पर कब्जा करके भूमाफिया ने फार्म हाउस बनाकर बेच दिए थे।

 

गौतमबुद्ध नगर के सहायक अभिलेख अधिकारी रजनीकांत ने बताया, वायु सेना की ओर से मेरी अदालत में दो मुकदमे दायर किए गए थे। वर्ष 1950 में नंगला नंगली और नंगली साकपुर गांवों की जमीन वायु सेना को बोम्बिंग रेंज और फील्ड फायरिंग के लिए अधिग्रहीत करके दी गई थी।  हरियाणा के फरीदाबाद जिले से दीक्षित अवार्ड के तहत वर्ष 1971 में गौतमबुद्ध नगर को यह जमीन दी गई थी।

इस जमीन पर मालिकाना हक हासिल करने के लिए मुकदमा दायर किया गया था। दूसरा मुकदमा राजस्व अभिलेखों में वायु सेना का नाम दर्ज करने के लिए दायर किया गया है। वायु सेना को भारत सरकार ने वर्ष 1951 में यह जमीन दी थी लेकिन शुरू से ही जमीन के राजस्व अभिलेखों पर किसानों के नाम रहे।

वायु सेना का नाम दर्ज नहीं किया गया। इसी का फायदा उठाकर वायु सेना की जमीन पर भूमाफिया ने कब्जा किया। इस जमीन पर सैकड़ों फार्म हाउस बनाकर लोगों को बेच दिए गए थे। इस मामले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया था। वायु सेना की जमीन कब्जा मुक्त करवाने और भू-माफिया व प्रशासनिक अफसरों की मिलीभगत की जांच के लिए हाईकोर्ट ने आदेश दिया था।

वर्ष 1950 में बुलंदशहर के तत्कालीन जिलाधिकारी ने यह जमीन अधिग्रहित कर के आगरा के रक्षा संपदा अधिकारी को सौंपी थी। दरअसल, तब यह इलाका बुलंदशहर जिले में ही था। तब से लेकर अब तक इस जमीन पर पहले स्थानीय किसानों, फिर भूमाफिया और बाद में फार्म हाउस खरीदारों के नाम दर्ज होते चले गए।

सहायक अभिलेख अधिकारी ने बताया कि रक्षा संपदा अधिकारी की याचिका पर सुनवाई करने के बाद सारे नाम खारिज कर दिए गए हैं। इस जमीन पर रक्षा मंत्रालय का नाम दर्ज कर दिया गया है। मौजूदा समय में इस जमीन की कीमत करीब 400 करोड रुपये आंकी गई है।

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