मौलिक भारत ने मुख्यमंत्री योगी को लिखा पत्र, नोएडा- ग्रेटर नोएडा प्राधिकरणों में अनियमितताएं की उजागर

Ten News Network

सामाजिक सरोकार से जुड़े संस्थान मौलिक भारत ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे वे प्राधिकरणों में चल रही व पूर्व की अनियमितताओं व अराजकता के संदर्भ में शिकायत करते हुए एक पत्र प्रेषित किया है।

अपने पूर्व प्रयासों औऱ उसके प्रभाव की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए संस्था ने कहा कि मौलिक भारत के आरोपों की पुष्टि करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा में एमराल्ड कोर्ट के ट्विन टावर अपेक्स और सियान के मामले में सुनवाई के दौरान नोएडा अथॉरिटी पर तीखी टिप्पणियां की। कोर्ट ने कहा कि “नोएडा एक भ्रष्ट निकाय है इसकी आंख, नाक, कान और यहां तक कि चेहरे तक से भ्रष्टाचार टपकता है”।

संस्था के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि नोएडा प्राधिकरण ही नहीं ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण के भी यही हाल हैं। “हमारी माँग है क़ि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को संज्ञान में लेते हुए इन तीनों प्राधिकरणों से संबंधित मंत्री, नौकरशाही ,जनप्रतिनिधियों व कर्मचारियों के विरुद्ध जवाबदेही तय की जाए व सख्त कानूनी कार्यवाही की जाए,’ पत्र में कहा गया।

पत्र में तीनों प्राधिकरणों के एकीकरण की भी माँग की गई है। “अपने भ्रष्टाचार को व्यवस्थित व अबाध रूप से चलते रहने के लिए पूर्ववर्ती सरकारों ने जिला गौतमबुद्ध नगर में एक के स्थान पर तीन तीन विकास प्राधिकरण नोएडा, ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण बना दिए थे। यह भारत का अकेला उदाहरण है। इससे जहाँ प्रशासनिक खर्च कई गुना बढ़ गए हैं वहीं नौकरशाही को अपनी मनमर्ज़ी करने व लूट मचाने की छूट भी मिल गयी है। ऐसे में जबकि दो करोड़ से अधिक आबादी के दिल्ली शहर तक में मात्र एक ही विकास प्राधिकरण है , गौत्तमबुद्ध नगर में तीन प्राधिकरण बनाने का कोई औचित्य नहीं। हमारी मांग है कि जनहित में तीनों प्राधिकरणों का एकीकरण किया जाए,” संस्था ने कहा।

संस्था ने मुख्यमंत्री से भ्रस्टाचार के ऊपर कार्यवाही करने का भी अनुरोध किया है। “आपकी सरकार ने जिला गौतमबुद्ध नगर के नोएडा, ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे तीनों प्राधिकरणों का पिछले दस सालों के समस्त कार्यों का सीएजी ऑडिट कराने का आदेश दिया था । सीएजी द्वारा पूरी जांच कर अपनी रिपोर्ट आपके कार्यालय व संबंधित विभाग को सौंप दो थी । इस रिपोर्ट में मौलिक भारत की शिकायतों के अनुरूप बड़ी मात्रा में अनियमितताओं व हज़ारों करोड़ रुपयों के घोटाले का खुलासा हुआ था । इस रिपोर्ट के आधार पर आपकी सरकार द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गयी? न तो किसी दोषी को सजा मिली और न ही लूट की रक़म वापस आयी। हमारा अनुरोध है कि इस दिशा में अतिशीघ्र कड़े कदम उठाए जायें,” मौलिक भारत ने अपने पत्र में बोला।

मौलिक भारत का यह भी मानना है कि जिला गौतमबुद्ध नगर में कोई भी नगर निगम नहीं है व पंचायतों की संख्या भी बहुत कम हो गई है। ऐसे में जनप्रतिनिधित्व के अभाव में जनता को नोएडा, ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे वे प्राधिकरणों की नौकरशाही की मनमानी व लूट का शिकार होना पड़ता है , यह लोकतंत्र की मूल भावना व संविधान के विरुद्ध है। अतएव संस्था ने मुख्यमंत्री से इस दिशा में निर्णायक कदम उठाने का निवेदन किया है।

इसके अलावा संस्था ने बिल्डर- बायर्स मुद्दे की तरफ भी सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की तथा प्राधिकरणों के खर्चे पर नियंत्रण करने की सिफारिश प्रेषित की है।

यह पत्र संस्था के वरिष्ठ पदाधिकारियों, अनुज अग्रवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष, मौलिक भारत डॉ कमल टावरी, कार्यकारी अध्यक्ष ,मौलिक भारत (पूर्व सचिव भारत सरकार),
महेश सक्सेना , सलाहकार ट्रस्टी, मौलिक भारत
Adv.अनिल गर्ग, राष्ट्रीय सचिव, मौलिक भारत,
Adv.संजय शर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, मौलिक भारत
Adv.पंकज सरावगी, राष्ट्रीय कानूनी सलाहकार, मौलिक भारत,
Adv.नीरज सक्सेना, सदस्य, केंद्रीय कार्यकारिणी, मौलिक भारत,
राजकुमार अग्रवाल, उपाध्यक्ष, दिल्ली एनसीआर प्रांत, मौलिक भारत, द्वारा प्रेषित किया गया है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.