देश विदेश में विख्यात हो चुकी नोएडा की दादी की रसोई को तीन साल हुए पूरे , समाजसेवक अनूप खन्ना ने नोएडा का नाम किया रोशन

नॉएडा : देश विदेश में विख्यात हो चुकीऔर जिस रसोई की तारीफ नॉएडा के लोगो से लेकर देश राष्ट्रपति तक कर चुके हो ,उस दादी की रसोई को आज तीन साल पुरे हो चुके है इस अवसर पर दादी रसोई के संचालक अनूप खन्ना ने सभी लोगो को मिठाई खिला कर आशीर्वाद प्राप्त किया , और ख़ुशी के मोके पर गरीब महिलाओ व् पुरुषो कपडे भी बाटे। तीन साल पुरे होने पर समाजसेवी लोगो व् बीजेपी महिला मोर्चा की महिलाओ ने अनूप खन्ना को ढेर सारी बधाईया दी। तो वही नवरतन के फाउंडर अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि दादी की रसोई नॉएडा शहर के साथ साथ उत्तर प्रदेश व् पुरे देश में शुरुवात हो ताकि कोई गरीब खाना खाने से मोहताज ना रहे जाये , अनूप खन्ना की मेहनत व् सच्ची लगन का नतीजा है आज दादी की रसोई इस मुकाम तक पहुंच पायी। आज इस ख़ुशी के मोके पर दादी की रसोई के संचालक अनूप खन्ना ने कहा कि आज मेरी माँ का सपना साकार हो रहा है जो उनकी गरीबो के प्रति आशा थी कि गरीबो अच्छा व् सस्ता भोजन मिले ,हम उनके इस सपने को साकार करने के लिए तनमन से लगे है , और जबतक शरीर में जान है तबतक इस सपने को टूटने नहीं देंगे , आगे बताया कि नॉएडा में काफी सामाजिक संस्थाओ ने इस तरह की स्कीम चालने की कोशिश की और कर रही है , हमें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है हमें तो और ज्यादा ख़ुशी है कि लोग गरीबो के प्रति आस्था रख रहे है और उनको अच्छा और भरपेट खाना देने की कोशिश कर रहे है , और मेरी केंद्र सरकार व् उत्तर प्रदेश सरकार से यही गुजारिश है कि वो भी इसी तरह की कोई स्कीम चलाये , ताकि इस देश में कोई गरीब भूखा ना मरे। आपको बता दे इस दादी की रसोई ने गरीबो को सस्ता , अच्छा व् स्वादिष्ट खाना मिले इसके के लिए नॉएडा शहर में नई पहल साल अगस्त 2015 में की थी.

आज जहां हर तरफ महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ रखी है तो वहीं सेक्टर 29 स्थित के गंगा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स एक जगह ऐसी भी जहां सबसे सस्ता और लाजवाब खाना मिलता है, वो भी महज 5 रुपये में। जहां रोज ताजा खाना बनता है और गुणवत्ता के मामले में किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं किया जाता।’ दादी की रसोई को न सिर्फ परिवार बल्कि आसपास व परिचित लोगों से भी काफी सहायता मिली. गरीबों तक भोजन पहुंचता देख लोगों का भी यकीन बढ़ा और वे मदद को आगे आने लगे। इसी तरह कई लोग किसी न किसी रूप में दादी की रसोई में अपना योगदान देते रहते हैं। अनूप मानते हैं कि दुनिया में देने वालों की लाइन लेने वालों के मुकाबले ज्यादा लंबी है। आज दादी की रसोई रोज करीब 400 से 450 लोगों को पेट भर खाना खिलाती है। बता दे कि दादी की रसोई काफी चर्चा में रहती है दादी की रसोई’ एक करोड़ से अधिक लोगों की पसंद बन गई है। यू-ट्यूब पर ‘दादी की रसोई’ द्वारा किए जा रहे सामाजिक सरोकारों का वीडियो एक करोड़ से ज्यादा लोग देख चुके हैं और उसे पसंद भी कर चुके हैं।

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