बिमटेक में पारंपारिक तरीक़े से मना ओणम का त्यौहार , छात्रों ने दी मंत्रमुग्ध करने वाली प्रस्तुती
Ten News Network
Greater Noida: ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क स्थित बिरला इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी में आज ओणम का त्यौहार बेहद धूमधाम से मनाया गया। बिमटेक कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र, छात्राएं तथा प्रोफ़ेसर्स ने केरल से जुड़े इस त्योहार की अनुपम छटा उत्तर प्रदेश की धरती पर बिखेरी।
इस दौरान कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक ड्रम वादन के साथ की गई। वहीं कॉलेज के छात्र एवं अध्यापक केरल की पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। कॉलेज में ओणम के त्यौहार का जश्न मनाने के दौरान सभी के चेहरों पर एक अलग चमक देखने को मिली।
इस मौके पर कॉलेज के छात्र छात्राओं ने केरल के सांस्कृतिक ओणम नृत्य की प्रस्तुति भी दी।
समारोह को संबोधित करते हुए बिमटेक के डायरेक्टर डॉक्टर हरिवंश चतुर्वेदी ने कहा कि भारत विविधताओं का देश है। यहां पर विभिन्न प्रकार की संस्कृति को मानने वाले लोग रहते हैं। हर क्षेत्र का अपना एक अलग त्यौहार होता है। जिसको लोग बड़ी धूमधाम से मनाते हैं। इसी प्रकार ओणम केरल का प्रमुख त्यौहार माना जाता है और इसे बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।
इस महोत्सव के दौरान राजा महाबली की फूलों की रंगोली विशेष आकर्षण रहा । केरल के मशहूर ड्रम कलाकारों ने भी अपनी मन मोहक प्रस्तुति दे ।
ओणम उत्सव के दौरान एक पारंपरिक दावत समारोह का भी आज दोपहर आयोजन किया गया . इस समारोह में मीठे व्यंजनों के अलावा नौ स्वादिष्ट व्यंजन बनाए थे जिनमें पचड़ी काल्लम, ओल्लम, दाव, घी, सांभर, केले और पापड़ के चिप्स मुख्य रूप से बनाए थे |
बता दे कि केरल का बहुचर्चित त्योहार ओणम शुरू हो चुका है, दस दिन तक चलने वाला ओणम का ये त्योहार उत्तर भारत में मनाई जाने वाली दिवाली से कम नहीं है, केरल के लोग सालभर इस पर्व का बेसब्री से इंतजार करते हैं।
इस दौरान उपस्थिति रहे टेन न्यूज़ के फाउंडर गजानन माली ने समारोह की भूरी-भूरी प्रसंशा की और कहा, “ऐसे आयोजनों के दौरान देश की विभिन्न परंपराओं और संस्कृति की झलक बिमेटक के प्रांगण में नजर आती है। भविष्य के बिज़नेस लीडर्स में इसके द्वारा भारतीय विविधता पिरोई जाती है। इस आयोजन के दौरान ऐसा लग माना हम साक्षात केरल में हूँ। संस्थान को इसके लिए बेहद बधाई।”
मौजद अतिथि और संस्थान के एलुमनाई शुभम अग्रवाल ने कहा कि सिर्फ बिमटेक ही ऐसा स्थान है जहाँ हर धर्म, संस्कृति और प्रांत से जुड़े त्योहार पूरे धूम धाम से मनाए जाते हैं। “हम अभी भी यहाँ के ये विवधता भरा प्रांगण और इसमें मनाए जाने वाले त्योहारों को याद करते हैं”, उन्होंने कहा।

केरल में मनाया जाने वाला ये पर्व 12 अगस्त से प्रारंभ हो चुका है और 23 अगस्त को इसका आखिरी दिन होगा। इस दिन घरों को फूलों और रंगोली से सजाया-संवारा जाता है। इतना ही नहीं, पर्व के दौरान घर में तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं।
कैलेंडर के मुताबिक़, ओणम का पर्व हर वर्ष भाद्र मास के शुक्ल पक्ष के त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है. 21 अगस्त को ओणम का मुख्य पर्व मनाया जाएगा । ओणम का पर्व अजर-अमर राजा बलि के लिए मनाया जाता है. वहीं किसान यह पर्व अच्छी फसल होने एवं उपज में वृद्धि के लिए मनाते हैं।
कहा जाता है कि ओणम पर्व वहां के राजा बलि के स्वागत में मनाया जाता है. मान्यता है कि केरल के राजा बलि के राज्य में प्रजा बहुत ही सुखी और संपन्न थी. इसी दौरान भगवान विष्णु वामन अवतार लेकर आए और तीन पग में उनका पूरा राज्य लेकर उनका उद्धार कर दिया. माना जाता है कि वे साल में एक बार अपनी प्रजा को देखने जरूर आते हैं. और उन्हीं के आने की खुशी में ओणम मनाया जाता है. घरों को सजाया जाता है. इतना ही नहीं, यह त्योहार किसानों के लिए बहुत अहम होता है. किसान यह त्योहार अपनी अच्छी फसल होने व अच्छी उपज के लिए मनाते हैं. नई फसल के आने की खुशी में भी ओणम मनाया जाता है।
Photo Highlights of Onam Celebrations at BIMTECH Greater NOIDA