पीएम मोदी ने किया एनसीसी कैडेट्स के विस्तार का ऐलान, होंगी एक तिहाई लड़कियां, हैल्थ आईडी कार्ड की भी घोषणा

Rohit Sharma

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नई दिल्ली :– कोरोना काल के बीच आज पूरा देश 74वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, इस बार लाल किले पर आयोजित समारोह काफी अलग दिखा। लालकिले पर स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह कोरोना संक्रमण की वजह से सीमित रहा, लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झंडा फहराया ।

प्रधानमंत्री मोदी ने तिरंगा फहराने के बाद राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना के इस असाधारण समय में, सेवा परमो धर्म: की भावना के साथ, अपने जीवन की परवाह किए बिना हमारे डॉक्टर्स, नर्से, पैरामेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस कर्मी, सफाई कर्मचारी, पुलिसकर्मी, सेवाकर्मी, अनेक लोग, चौबीसों घंटे लगातार काम कर रहे हैं ।

 

पीएम मोदी ने कहा कि आज जो हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं, उसके पीछे मां भारती के लाखों बेटे-बेटियों का त्याग, बलिदान और मां भारती को आजाद कराने के लिए समर्पण है. आज ऐसे सभी स्वतंत्रता सेनानियों को, वीर शहीदों को नमन करने का ये पर्व है. कोरोना के समय में, अपने जीवन की परवाह किए बिना हमारे डॉक्टर्स, नर्से, पैरामेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस कर्मी, सफाई कर्मचारी, पुलिसकर्मी, सेवाकर्मी, अनेकों लोग, चौबीसों घंटे लगातार काम कर रहे हैं. ऐसे सभी कोरोना वॉरियर्स को भी मैं आज नमन करता हू ।

पीएम ने कहा कि आजादी का पर्व हमारे लिए आजादी के वीरों को याद करके नए संकल्पों की ऊर्जा का एक अवसर होता है. ये हमारे लिए नई उमंग, उत्साह और प्रेरणा लेकर आता है. अगला आजादी का पर्व जब हम मनाएंगे, तो आजादी के 75वें वर्ष में प्रवेश करेंगे, तो ये हमारे लिए बहुत बड़ा अवसर है. गुलामी का कोई कालखंड ऐसा नहीं था, जब हिंदुस्तान में किसी कोने में आजादी के लिए प्रयास नहीं हुआ हो, प्राण-अर्पण नहीं हुआ हो. एक प्रकार से जवानी जेलों में खपा दी. ऐसे वीरों को हम नमन करते हैं।

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि आखिर कब तक हमारे ही देश से गया कच्चा माल, फिनिश्ड प्रोडक्ट बनकर भारत में लौटता रहेगा. पीएम मोदी ने ये भी कहा कि विस्तारवाद की सोच ने सिर्फ कुछ देशों को गुलाम बनाकर ही नहीं छोड़ा, बात वही पर खत्म नहीं हुई. भीषण युद्धों और भयानकता के बीच भी भारत ने आजादी की जंग में कमी और नमी नहीं आने दी।

पीएम मोदी ने कहा कि उस कालखंड में विस्तारवाद की सोच वालों ने दुनिया में जहां भी फैल सकते थे, फैलने की कोशिश की, लेकिन भारत का आजादी आंदोलन दुनिया में एक प्रेरणा पुंज बन गया, दिव्य स्तंभ बन गया और दुनिया में आजादी की अलख जगी. मुझे विश्वास है कि भारत आत्मनिर्भर के सपने को चरितार्थ करके रहेगा. मुझे देश की प्रतिभा, सामर्थ्य, युवाओं, मातृ-शक्तियों पर भरोसा है. मेरा हिंदुस्तान की सोच-अप्रोच पर भरोसा है. इतिहास गवाह है कि भारत एक बार ठान लेता है तो, भारत उसे करके रहता है।

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के बीच 130 करोड़ देशवासियों ने आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया. आत्मनिर्भर भारत देशवासियों के मन-मस्तिष्क में छाया है. ये आज सिर्फ शब्द नहीं रहा, बल्कि 130 करोड़ देशवासियों के लिए मंत्र बन गया है. आज दुनिया इंटर-कनेक्टेड है. इसलिए समय की मांग है कि विश्व की अर्थव्यवस्था में भारत का योगदान बढ़ाना चाहिए, इसके लिए भारत को आत्मनिर्भर बनना ही है. जब हमारा अपना सामर्थ्य होगा तो हम दुनिया का कल्याण भी कर पाएंगे।

आज देश अनेक नए कदम उठा रहा है, इसलिए आप देखिए स्पेस सेक्टर को खुला कर दिया, देश के युवाओं को अवसर मिल रहा है. हमने कृषि क्षेत्र को बंधनों से मुक्त कर दिया. हमने आत्मनिर्भर भारत बनाने का प्रयास किया है।

लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज दुनिया की बहुत बड़ी-बड़ी कंपनियां भारत का रुख कर रही हैं. हमें मेक इन इंडिया के साथ-साथ मेक फॉर वर्ल्ड के मंत्र के साथ आगे बढ़ना है. इस शक्ति को, इन रिफॉर्म्स और उससे निकले परिणामों को देख रही है. बीते वर्ष, भारत में एफडीआई ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

 

भारत में एफडीआई में में 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. ये विश्वास ऐसे ही नहीं आता है. वन नेशन-वन टैक्स, इनसाल्वेंसी और बैंक्रप्टसी कोड बैंकों का मर्जर आज देश की सच्चाई है.
आखिर कब तक हमारे ही देश से गया कच्चा माल, फिनिश्ड प्रोडक्ट बनकर भारत में लौटता रहेगा. इसलिए हमें आत्मनिर्भर बनना ही होगा. भारत के किसान सिर्फ देश के लोगों का पेट नहीं भरते, बल्कि दुनिया में जहां लोगों को जरूरत होती है, वहां के लोगों का भी पेट भरते हैं।

 

आत्मनिर्भर भारत का मतलब सिर्फ इंपोर्ट को कम करना ही नहीं है, बल्कि हमारे सामर्थ्य के आधार पर अपने कौशल को बढ़ाना है. आत्मनिर्भर भारत में कई चुनौतियां होंगी, लेकिन अगर ये चुनौतियां हैं तो देश के पास करोड़ों समाधान देने वाली शक्ति भी है।

 

तमाम प्राकृतिक आपदाओं के बाद भी देश ने अपना आत्मविश्वास नहीं खोया. देश को कोरोना के प्रभाव से बाहर निकालना हमारी प्राथमिकता है.हमारे यहां शास्त्रों में कहा गया है-सामर्थ्य्मूलं स्वातन्त्र्यं, श्रममूलं च वैभवम्.. किसी समाज, किसी भी राष्ट्र की आज़ादी का स्रोत उसका सामर्थ्य होता है, और उसके वैभव का, उन्नति प्रगति का स्रोत उसकी श्रम शक्ति होती है. देश के सामान्य नागरिक की मेहनत, उसके परिश्रम का कोई मुकाबला नहीं है. बीते 6 वर्षों में देश में मेहनत करने वाले लोगों के कल्याण के लिए कई योजनाएं चलाई गई हैं. बिना किसी भेद-भाव के, पूरी पारदर्शिता के साथ सभी लोगों को कई योजनाओं के द्वारा मदद पहुंचाई गई है ।

 

महामारी की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत में कोराना वायरस की एक नहीं, दो नहीं, तीन-तीन वैक्सीन इस समय टेस्टिंग के चरण में हैं. जैसे ही वैज्ञानिकों से हरी झंडी मिलेगी, देश की तैयारी उन वैक्सीन्स की बड़े पैमाने पर उत्पादन की भी है. देश के हर जरूरतमंद तक कम समय वैक्सीन को पहुंचाने की रूपरेखा भी तैयार है।

 

पीएम ने कहा कि आज से देश में एक और बहुत बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है. ये है नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन. नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन, भारत के हेल्थ सेक्टर में नई क्रांति लेकर आएगाआपके हर टेस्ट, हर बीमारी, आपको किस डॉक्टर ने कौन सी दवा दी, कब दी, आपकी रिपोर्ट्स क्या थीं, ये सारी जानकारी इसी एक हेल्थ आईडी में समाहित होगी।

 

प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए पाकिस्तान और चीन के मुद्दे पर बोला. उन्होंने कहा कि नियंत्रण रेखा लेकर से लेकर एलएसी तक देश की संप्रभुता पर जिस किसी ने आंख उठाई है, देश ने और देश की सेना ने उसका उसी भाषा में जवाब दिया है।

 

पीएम मोदी ने कहा कि अब एनसीसी का विस्तार देश के 173 बॉर्डर और तटवर्ती जिलों तक तक सुनिश्चित किया जाएगा. इस अभियान के तहत करीब 1 लाख नए एनसीसी कैडेट्स को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी. इसमें भी करीब एक तिहाई बेटियों को ये स्पेशल ट्रेनिंग दी जाएगी।

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