प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में कोरोना संक्रमण और ऑक्सीजन पर कही यह महत्वपूर्ण बाते
Ten News Network
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देश को संबोधित किया। ‘मन की बात’ के इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने देशभर में चल रहे कोरोना संकट पर बात की। पीएम ने आज के कार्यक्रम में देशभर में कोरोना से लड़ाई लड़ रहे कोरोना योद्धाओं से बातचीत कर जागरुता फैलाने का प्रयास किया। कार्यक्रम की शुरुआत में पीएम मोदी ने कहा, ‘मन की बात ऐसे समय कर रहा हूं जब कोरोना सभी के धैर्य और दुख को बर्दास्त करने की परीक्षा ले रहा है। बहुत से अपने असमय छोड़कर चले गए, पहली वेव का सफलता पूर्वक मुकाबला करने के बाद देश आत्मविश्वास से भरा था लेकिन इस तूफान ने देश को झोकझोर दिया।’
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, बीते दिनों इस संकट से निपटने के लिए, मेरी, अलग-अलग सेक्टर्स के एक्सपर्ट के साथ, विशेषज्ञों के साथ लम्बी चर्चा हुई है। हमारे फार्मा इंडस्ट्री के लोग हों, वैक्सीन मैन्युफैक्चरर्स हों, ऑक्सिजन के प्रोडक्शन से जुड़े लोग हों या फिर मेडिकल फील्ड के जानकार, उन्होंने, अपने महत्वपूर्ण सुझाव सरकार को दिए हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने मुम्बई के प्रसिद्द डॉक्टर शशांक जोशी से बातचीत की। उन्होंने कार्यक्रम में बताया कि ये जो दूसरी वेव आई है। ये तेजी से आई है, तो जितनी पहली वेव थी उससे ये वायरस ज्यादा तेज चल रहा है, लेकिन अच्छी बात ये है कि उससे ज्यादा रफ़्तार से रिकवरी भी है और मृत्यु दर काफी कम हैं।
डॉ. शशांक ने बताया कि पहली और दूसरी लहर में में 2-3 अंतर हैं, एक तो यह युवाओँ और बच्चों में भी दिखाई दे रहा है, पहले वाले लक्ष्ण तो हैं ही जैसे सांस चढ़ना सूखी खांसी और बुखार, ये तो सारे हैं ही इसके साथ गंध जाना और स्वाद जाना भी है। लोग भयभीत हैं लेकिन भयभीत होने की जरूरत नहीं है, 80-90 प्रतिशत लोगों में कोई लक्ष्ण नहीं दिखाई दे रहे, जैसे हम कपड़े बदलते हैं वैसे वायरस भी रंग बदल रहा है। सिर्फ सतर्क रहने की जरूरत है।