लॉकडाउन और कोरोना को लेकर टेन न्यूज़ नेटवर्क ने दक्षिण दिल्ली नगर निगम की मेयर से की खास बातचीत

Rohit Sharma

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नई दिल्ली :– दिल्ली में कोरोना वायरस का कहर जारी है । आपको बता दे कि दिल्ली में करीब 18 हज़ार लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके है , साथ ही करीब 500 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं इलाज से 50 प्रतिशत लोग कोरोना वायरस से मुक्त होकर अपने घर जा चुके है। खासबात यह है कि एक सप्ताह के अंदर करीब 8 हज़ार लोग संक्रमित हुए है।

इस महामारी में दिल्ली की सभी नगरपालिका और नगर निगम के मेयर समेत कर्मचारी मेहनत कर रहा है , साथ ही एमसीडी का हर एक कर्मचारी कोरोना योद्धा के रूप में पहचान बना रहा है , आज सभी लोग इस महामारी में कोरोना योद्धाओं का सम्मान कर रहे है ।

कोरोना महामारी में सभी नगर निगम को चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में आज टेन न्यूज़ ने दक्षिण दिल्ली नगर निगम की मेयर से खास बातचीत की। आपको बता दे कि सुनीता काँगड़ा मेयर के साथ-साथ शिक्षिका भी है। साथ ही उनसे लॉकडाउन और कोरोना महामारी से जंग लड़ने के लिए क्या क्या महत्वपूर्ण कदम उठाए गए समेत बहुत महत्वपूर्ण प्रश्न किए , जिसका जवाब मेयर द्वारा दिया गया। इस कार्यक्रम में एक विशेष बात पर जोर दिया, जिसमे उन्होंने कहा कि लोग शारीरिक दूरी बनाएं, मास्क और हाथ को साबुन से धोते रहे। साथ ही अनावश्यक रूप से घर के बाहर न निकले।

दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की मेयर सुनीता काँगड़ा ने कहा की कोरोना का संक्रमण बेशक फैल रहा है, फिर भी हम विश्वास से भरे हैं। क्योंकि दुनिया के अन्य हिस्सों में संक्रमित रोगियों की निरंतर बढ़ती संख्या की तुलना में भारत में इसका प्रकोप काफी सीमित है। यह इसलिए आश्चर्यजनक है, क्योंकि भारत न केवल अधिक जनसंख्या घनत्व वाला एक विकासशील देश है, बल्कि यहां सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी बुनियादी ढांचागते सुविधाएं एवं संसाधन भी सीमित हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री के फैसले को देश वासियों के हित के लिए बताया। उन्‍होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में जारी लॉकडाउन को 30 जून तक बढ़ाने की घोषणा की है।’ यह निर्णय भारतवासियों की स्वास्थ्यरक्षा को ध्यान में रख कर किया गया है। उनकी अपील को ध्यान में रखते हुए सबको लॉकडाउन का पालन करना चाहिए।

उन्‍होंने कहा कि कोरोना वायरस की महामारी पर विजय पाने के लिए भारत की सामूहिक संकल्प शक्ति अवश्य कामयाब होगी। संकट की इस घड़ी में सारा देश सतर्कता, सुरक्षा, सहयोग एवं वयं राष्ट्रे जागृयाम के भाव के साथ एकजुट खड़ा है। यही हमारी सबसे बड़ी ताक़त है।

लॉकडाउन के जरिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत देश को बढ़े अनर्थ रास्ते से बचा लिया है। अगर लॉकडाउन नहीं किया जाता तो आज हमारे देश की स्थिति अन्य देशों की तरह होती। अन्‍य देशों की तुलना में हमारा देश बहुत बेहतर स्थिति में हैं। जब तक वैज्ञानिक कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन नहीं बना लेते, तब तक हमें इसे बचने के लिए दो गज की दूरी बना कर रखनी होगी। मतलब संक्रमण से बचाव के लिए हमें सोशल और फिजिकल डिस्‍टेंसिग के साथ टीका विकसित होने तक पालन करना होगा। देशों की तुलना में बहुत बेहतर है।

सुनीता काँगड़ा ने कहा कि कोरोना जैसी महामारी जैसी विपत्ति हमारे देश पर आएगी, इसकी किसी को भनक ही नहीं थी। इसके बावजूद दिसंबर में चीन के वुहान में इस संक्रमण के फैलने के एक माह बाद ही भारत में पहला व्‍यक्ति संक्रमित मिला था। तभी मोदी सरकार इस संक्रमण को लेकर सतर्क हो गई थी। उस समय हमारे पास कोरोना की टेस्टिंग की एक मात्र लैब थी, लेकिन अब इस महामारी के पैर फैलाते ही इतने कम समय में अनेक लैब बन चुकी हैं।

हमारे पास मास्‍क बनाने की एक फैक्ट्री नहीं थी, लेकिन इतने दिनों में सैकड़ों की संख्‍या में देश में कंपनियां मास्‍क तैयार कर रही हैं। इस संकट में हम पीपीई, वेंटिलेटर आदि का निर्माण भी कर रहे हैं। आज के समय में हमारे पास 3 लाख से ज्यादा वेंटिलेटर है, साथ ही कोरोना के मरीजों के लिए 10 लाख से ज्यादा बेड़ हमारे पास है। इस लॉकडाउन में हमारी सरकार अनेक तैयारियां कर चुकी है। अब देश के प्रधानमंत्री का ध्यान सिर्फ वैक्सीन पर है।

साथ ही दिल्ली को लेकर उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने सिर्फ एमसीडी को धोखा दिया है , इस महामारी में दिल्ली सरकार की तरफ से हमारे दक्षिण दिल्ली नगर निगम को कोई फण्ड नहीं दिया गया है | साथ ही हमारे निगम के द्वारा किए कार्यों को अपना बता कर श्रेय ले रहे है |

दक्षिण दिल्ली नगर निगम की मेयर सुनीता काँगड़ा ने कहा कि इस महामारी में सफाईकर्मी समेत अन्य कर्मियो की सेफ्टी को लेकर बहुत चिंता बनी रहती है | उन्होंने कहा कि सफाई कर्मी हमारी एसडीएमसी की रीढ़ की हड्डी है । जहाँ कोरोना का मरीज है , वहाँ उस जगह बहुत दिक्कत होती है , उन्हें पीपीई कीट दिए हुए है | जिससे वह कोरोना से संक्रमित न हो सके , इम्युनिटी पॉवर बढ़ाने के लिए हमारी एसडीएमसी की तरफ से उन्हें सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है ।

मेयर सुनीता काँगड़ा ने कहा कि 43000 हज़ार कर्मचारियों की एक दिन की तनख्वाह प्रधानमंत्री राहत कोष में दिया गया है । तकरीबन 3.5 करोड़ रुपये इक्क्ठा किया गया था । साथ ही उन्होंने कहा कि डी ग्रेड के कर्मचारियों की एक दिन की तनख्वाह नही काटी गई है , बहुत से ऐसे डी ग्रेड के कर्मचारी है , जिन्होंने खुद अपनी मर्ज़ी से एक दिन की तनख्वाह राहत कोष में जमा करवाई है ।

उन्होंने कहा की एसडीएमसी इलाके में मजदूर वर्ग को काफी परेशानी हुई है , वही झुग्गी झोपड़ी वालों को दिक्क्त का सामना करना पड़ा है , लेकिन हमारे एसडीएमसी इलाके के सभी एनजीओ और निगम पार्षदों ने मेहनत करके राशन और पका हुआ खाना उन्हें दिया है ।

 

एसडीएमसी इलाकों में घरों में जाकर सेनिटाइजर करवाया जा रहा है , गरीब लोगों को मास्क बाटा गया है । साथ ही उन्होंने कहा कि कैम्प लगवाकर सभी लोगों को स्वास्थ्य चेक करवाया जा रहा है । शिक्षा की बात करे तो ऑनलाइन पढ़ाई करवाई जा रही है , स्कूल खुले तो उन्हें सुरक्षा के साथ बैठाया जाए , जिसको लेकर रणनीति बनाई जा रही है | स्कूल की तरफ से मास्क बच्चों को मिलेगा , उनकी पढ़ाई पर ध्यान दिया जाएगा ।

दिल्ली सरकार ने हमारे साथ ही गलत व्यवहार किया है । एमसीडी के कर्मचारियों को योद्धा नही मानते है । एक करोड़ के बीमा में हमारे कर्मचारियों को नही रखा है ।  कोरोना महामारी से मरने वाले एसडीएमसी कर्मचारियों को हम 10 लाख का मुआवजा दे रहे है |

उन्होंने कहा की भोगल एरिया में कार्यरत विनोद कुमार नामक जिस सफाई कर्मचारी की कोरोना से मौत हुई थी, उसके बेटे को एमसीडी में स्थायी नियुक्ति दी गई है। इसके अलावा उसे 10 लाख रुपये का मुआवजा भी दिया गया।

मेयर सुनीता कांगड़ा का कहना है कि कोरोना संक्रमण के दौरान फ्रंट लाइन में काम करने वाले इन सफाई कर्मचारियों को संक्रमण रोकने में महत्वपूर्ण योगदान है। फ्रंट लाइन में काम करने वाले कर्मचारियों का ध्यान रखना जरूरी हैं। हर वक्त इनकी जान खतरे में है। इसलिए जोखिम के दौरान अगर किसी कर्मचारी की मौत होती है, तो उसे एमसीडी मुआवजा देगी।

साउथ एमसीडी में काम करने वाले सफाई, पब्लिक हेल्थ और दूसरे विभाग के जिन कर्मचारियों की ड्यूटी कोरोना संक्रमण के दौरान लगाई है, उन्होंने दिल्ली सरकार से एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की है। मुआवजा न मिलने पर सफाई कर्मचारियों ने कंटेनमेंट जोन में सफाई या सैनिटाइजेशन का काम करने से भी मना कर दिया है। कर्मचारियों ने इन समस्याओं से मेयर सुनीता कांगड़ा को भी अवगत कराया है, जिस पर उन्होंने दिल्ली सरकार को पत्र लिखा है।

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