नोएडा : बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर 10 कैदियों को किया रिहा, जिला कोर्ट ने दिए निर्देश 

Ten News Network

नोएडा : देशभर में लगातार कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने के कारण हाहाकार की स्थिति बनी हुई है  यह संक्रमण महानगरों और शहरों से होता हुआ धीरे धीरे पूरे भारत पर कब्जा करने में लगा हुआ है | कोरोना के मामले इतने  तेजी से बढ़ रहे हैं कि गांव और जेल भी इससे अछूते नहीं रहे हैं। कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के तहत सर्वोच्च न्यायालय ने अहम फैसला लिया है।

 

सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार जिला कारागार गौतम बुद्ध नगर में अधिकतम 7 वर्ष तक की सजा वाले कैदियों को अधिकतम 60 दिन निर्धारित समय अवधि के लिए अंतरिम जमानत पर रिहा किए जाने के आदेश दिए गए हैं।

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्राप्त आदेश के अनुपालन में जिला कारागार गौतम बुद्ध नगर में अधिकतम 7 वर्ष तक के अपराधों की सजा मैं निरुद्ध बंदियों के 28 प्रार्थना पत्र कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गौतम बुद्ध  नगर को प्राप्त हुए है। जिन्हें संबंधित न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। सभी प्रार्थना पत्रों में सत्र न्यायालय एवं मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा 12 प्रार्थना पत्रों  मे 10 बंदियों के अंतरिम जमानत पर रिहाई आदेश पारित किए गए है।

इस विषय पर टेन न्यूज़ की टीम ने एडवोकेट आदित्य भाटी से बात की , जिन्होंने बताया कि यह निर्देश बढ़ते कोरोना के संक्रमण के मद्देनजर दिए है। उन्होंने बताया कि ऐसे मामले में जेल प्रशासन कैदियों को चिह्नित करके एक लिस्ट बनाती है और वह रिपोर्ट डीएलएसए को सौंपी जाती है। जिसके बाद वह रिपोर्ट डीएलएसए से मजिस्ट्रेट कोर्ट को भेजी जाती है फिर मजिस्ट्रेट कोर्ट इसपर  प्रूवल देता है। जैसे कि कल 28 कैदियों की रिपोर्ट आई जिसमें से 10 कैदियों को रिहा किया गया।

आदित्य भाटी ने बताया कि अभी धीरे-धीरे करके और भी कैदियों को रिहा किया जाएगा , जिनकी अपराधों की सजा अधिकतम 7 वर्ष की है।  साथ ही उन्होंने बताया की इसमें कैदियों के स्वास्थ्य को भी देखा जाता है। जिन कैदियों पर गंभीर आरोप में मुकदमे दर्ज हैं , उनको रिहा नहीं किया जाएगा।

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