जीएसटी में विसंगतियों के कारण व्यापारी वर्ग नाराज : व्यापार मंडल जिला अध्यक्ष नरेश कुछल
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–आयकर कानून में टी.डी1 जुलाई से लागू हो रहे जीएसटी को लेकर जहां पूरे देश में व्यापारी मंडलो में खलबली मची हुई हैं और लगातार उसका विरोध कर केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली से जीएसटी में मौजूदा खामिया को दूर करने के लिए बोल रहे हैं। वहीं नोएडा में भी उध्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल नोएडा इकाई ने जीएसटी की मौजूदा खामियां दूर किये बिना लागू करने के सन्दर्भ में जिलाधिकारी बीएन सिंह को ज्ञापन सोंपा है जिसमें उन्होंने अपनी 6 खामियों को रखा है जिनमें वह बदलाव चाहते हैं। व्यपारियों का कहना है वह जीएसटी का विरोध नहीं कर रहे हैं बल्कि उसका स्वागत कर रहे है लेकिन जीएसटी में कुछ ऐसी खामिया है जिससे व्यापारियों को खासा परिशानी हो रहे हैं उन खामिया को दूर कर तब जीएसटी को लागू किया जाए।
व्यापारियों द्वारा गिनाई गई खामिया
1. मण्डी शुल्क या तो सम्पूर्ण भारत वर्ष मे एक समान किया जाये या मण्डी शुल्क को जीएसटी में शामिल किया जाए। ताकि व्यापारियो को व्यापार करने में आसानी हो।
2.जीएसटी मे जेल के सख्त प्रावधान किए गए हैं, इन प्रावधिनो से व्यापारियो का शोषण एंव उत्पीड़न अधिकारियों द्वारा किया जाएगा , इसलिए जेल के प्रावधानों को व्यवहारिक बनाया जाए.
3.जीएसटी में जुर्मानें की दरें बहुत ज्यादा रखी गई हैं, जुर्मानें की दरों को व्यवहारिक एंव सरल बनाया जाए।
4.जीएसटी में सर्च एण्ड सीजर की धारा में अधिकारियों को असीमित अधिकार दिए गए हैं जिससे व्यापारियों का उत्पीड़न और शोषण भारी मात्रा मे बढ़ेगा और इंस्पेक्टर राज भी।
5.जीएसटी की अन्य बहुत सी धाराएं इंस्पेक्टर राज को बढ़ाने वाली हैं, इसलिए व्यापारियों प्रतिनिधियों को बुलाकर इसमें सुधार किया जाए।
.एस और आयकर में जेल और जुर्मानें के नए प्रावधान किये गए हैं जिससे व्यापारियों का भारी शोषण होगा। इसलिए जेल और जुर्माने की धाराओं को व्यवहारिक बनाया जाए।