बसपा सुप्रीमो मायावती का दिल्ली ;सुल्तानपुरीद्ध रैली से बयान
आगामी चुनाव में दिल्ली की सभी सातों सीटों पर अपने दम पर जाने का फ़ैसला किया है और ना ही हमारा कोई गठबंधन है । यूपी और बिहार के ग़रीब लोग दिल्ली में मज़दूरी करने को मजबूर है और यहाँ हो रहे अपरोध में भी इन्हीं लोगों फँसाया जाता है ।
सर्वण ग़रीबों ए मुस्लिमों और पिछड़े वर्गों के लिए शिक्षा और नौकरी में आरक्षण की मांग रखी है लेकिन केंद्र सरकार ने इसपर अपना रूख साफ़ नहीं किया है ।
केंद्र सरकार की योजनाओं से ग़रीबों को लाभ नहीं पहुँच पाया है । जो क़ानून अभी तर बनाए गए है उससे भी भ्रष्ट्राचाार पर क़ाबू नहीं पाया जा सका है ए काला धन भी देश वापस नहीं आ पाया है । देश में आतंकी और नक्सली वारदातों में इज़ाफ़ा हुआ है । जिसके लिए सबसे बड़ी क़सूरवार कांग्रेस पार्टी है । वहीं बीजेपी के 6 सालों के शासन में भी कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है ।
इस दलों की नीतियाँ धनासेठों का लाओ पहुँचाने वाली है जिनके पैसे से वो दल चुनाव लड़वाती है इसलिए केंद्र और राज्य की सत्ता में बसपा को लाना ज़रूरी है । बसपा चुनाव अपने कार्यकर्ताओ के पैसे से लड़ती है और धनासेठों के दवाब में काम नहीं करती ।
यूपी में अपने चार बार सरकार बनाई है । लेकिन हमारे से पहली की सरकारें अपनी जातिवादी या साम्प्रदायिक सोच ने काम करती थी । हमारे शासन काल में जातिगत या साम्प्रदायिक दंगे नहीं होने दिए है । अगर केंद्र में हमारी सराकर बन जाती है तो यूपी की तर्ज़ पर हमारी सरकार सर्वजन का विकास करेगी ।
दिल्ली से जुड़ी सभी समस्याओं को दूर किया जाएगा जो केंद्र सरकार से जुड़ी है । पड़ोसी देशों से जुड़ी सीमाओं की रक्षा के लिए भी हम क़दम उठाएँगे । विरोधी पार्टियों के साम दाम दंड भेद और उनके घोषणापत्रो से भी सावधान रहना होगा ।
मोदी देश की हालत जल्द सुधारने का दावा कर रहे है लेकिन जब छ साल तक दिल्ली में उनकी सरकार थी तो सुधार क्यों नहीं हुआ । बसपा अपना घोषणापत्र नहीं बनाती है लेकिन विकार करके दिखाती है । बीजेपी के पीएम इन वेटिंग पर दंगों के दाग है ए अग़ल वो पीएम बन गए तो देश में कभी भी दंगे हो सकते है ।
कांग्रेस से बचने की ज़रूरत है जिसके पचास सालों के शासन में विकास कम हुआ । वो सुबह ही डाले और केंद्र में बसपा की सरकार बनाए ।

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