आलेख – हवन

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हवन
हवन एवं यज्ञ मनुष्य की शुभकामना, स्वास्थ्य एवं समृद्धि के लिये किया जाता है। यह हिन्दू परम्परा मे शुद्धिकरण का एक कर्मकाण्ड है। ऐसा भी माना जाता है कि हवन प्रक्रिया से बुरी आत्मा का प्रभाव भी खत्म हो जाता है। हवन स्वास्थ्य के लिए भी बहुत ही उत्तम है। जैसे जैसे ऋतु बदलती हैं तो विभिन्न प्रकार के कीटाणुओं की उत्पत्ति होती है उनको हवन के द्वारा दूर किया जाता सकता है। हवन मे हम विभिन्न प्रकार की औषधियों का प्रयोग करते हैं जिनके प्रज्वलन के धुएं से वातावरण शुद्ध होता है।

राष्ट्रीय वनस्पति अनुसन्धान द्वारा किये गए शोध मे पाया गया है कि हवन द्वारा उत्पन्न धुआं हानिकारक कीटाणुओं को नष्ट कर वातावरण को शुद्ध करता है। हवन करने से हमारे सभी रोग नष्ट हो जाते हैं। हवन के द्वारा आसपास के वातावरण की ऑक्सीजन भी बढ़ जाती है। हवन मे प्रयोग होने वाली विभिन्न लकड़ियों को हम समिधा कहते हैं।समिधा ऋतुओं के अनुसार बदल जाती है। समिधा सड़ी गली , गन्दे स्थानों, पर पड़ी, कीड़े मकोड़ो से भरी ना हो। हवन मे प्रयोग की गयी औषधि युक्त समिधा को प्रज्वलित करने से उत्पन्न औषधीय धुंए का असर 30 दिनों तक वातावरण मे रहता है और इस अवधि मे कीटाणु उत्पन्न नही हो पाते हैं। इस धुंए से खेतों को भी फायदा मिलता है।

हमे हवन से प्रज्वलित अग्नि से विचारो के गतिमान एवं कार्य को गतिमान करने की प्रेरणा मिलती है। हवन द्वारा निराशा, आलस्य, शिथिलता , मलीनता दूर होती है। हवन की ज्वाला से उत्पन्न उष्णता से हमारे रक्त का बहाव बढ़ जाता है। हमारी भुजायें कार्य करने के लिए भड़कती रहती हैं। हवन के द्वारा हमारे अंदर उत्पन्न कुविचार एवं अवगुण दूर रहते हैं। हमे पवित्रता का आभास होता है। और चारो तरफ ज्ञान के प्रकाश को फैलाने मे हमे प्रेरणा मिलती है। हवन करने के दौरान हमेशा शास्त्रों की आज्ञा , गुरु की आज्ञा का पालन करना होता है जिससे हमें सदमार्ग एवं लक्ष्य की प्राप्ति होती है।

इसलिये पर्यावरण की शुद्धिकरण के लिए, रोगों को उत्पन्न करने वाले कीटाणुओं को नष्ट करने के लिए कम से कम माह मे एक बार प्रत्येक परिवार मे हवन होना चाहिये। वर्षा ऋतु के बाद वातावरण मे रोग फ़ैलाने वाले कीटाणु उत्पन्न हो जाते हैं जिनको हम हवन द्वारा नष्ट कर सकते हैं। नवरात्रों मे प्रत्येक हिन्दू परिवार को हवन करने चाहिए और रोगों को दूर भगाना चाहिए।

चन्द्रपाल प्रजापति
नोएडा गौतम बुद्धनगर
2 अक्टूबर 2016

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