डिपो ने रोडवेज विभाग से मांगी 170 डीजल बसें

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ग्रेटर नोएडा डिपो सीएनजी बसों से तौबा करना चाहता है, इसलिए डिपो ने यूपी रोडवेज विभाग को पत्र लिखकर 170 डीजल बसों की मांग की है। डिपो को उम्मीद है कि उसकी मांग पूरी कर दी जाएगी। कुछ महीने में विभाग डिपो की डिमांड पूरी कर देगा। बसों के मिलने के बाद नोएडा-गे्रटर नोएडा के बीच कई नए रूटों पर बसों के फेरे बढ़ जाएंगे और कई नए रूटों पर भी बसें चलने लगेंगी।
ग्रेटर नोएडा डिपो के पास 72 बसें हैं और सभी बसें सीएनजी से चलती हैं। रोडवेज बसों के लिए सीएनजी अगल तरह की आती है, जिसके लिए मोरना में सीएनजी पम्प हैं। ग्रेटर नोएडा डिपो से निकलने वाली सभी बसों को सीएनजी भरवाने के लिए पहले नोएडा जाना पड़ता है। सीएनजी भरवाने के बाद बसें अपने रूट पर रवाना होती हैं। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए ग्रेटर नोएडा डिपो द्वारा रोडवेज विभाग से 170 डीजल बसों की मांग की गई है। जिससे नोएडा-ग्रेटर नोएडा के लोगों को कई बड़े शहरों के लिए सीधी बस सेवा की सौगात मिल सकती है। रोडवेज डिपो के अधिकारियों ने हेड ऑफिस को डीजल बसों की डिमांड भेजी रखी है। उन्हें इस साल बस मिलने की उम्मीद है। अगर इस साल डीजल बसे मिल जाती है तो, फिर दोनों डिपो से बड़े-बड़े शहरों के लिए सीधी बस सेवा शुरू की जाएगी। डीजल बस मांगने का एक कारण सीएनजी गैस के कीमत के लगातार वृद्वि होना भी है। ग्रेनो डिपो के एआरएम ने बताया कि कुछ महीने पहले रोडवेज को नोएडा-ग्रेटर नोएडा डिपो के लिए 170 डीजल बसों की डिमांड भेजी गई है। उम्मीद है इस साल बस मिल सकती है। अगर डीजल बसें मिल जाती है तो, दोनों शहर में ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था काफी मजबूत हो जाएगी। उन्होंने बताया कि डीजल बस आने से दूर और बड़े शहरों के लिए सीधी बस सेवा शुरू की जाएगी। साथ ही नोएडा ग्रेटर नोएडा और दिल्ली के बीच कई नए रूटों पर बस सेवा शुरू की जाएगी।

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