Delhi: दिल्ली में लगातार अपराध बढ़ता ही जा रहा है , दिन हो या रात बदमाशों का कहर रुकने का नाम नही ले रहा है। वही बढ़ते अपराध को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस नाकाम साबित हो रही है । साथ ही बढ़ते अपराध को लेकर दिल्ली के निवासी ख़ौफ़ में है , उन्हें डर लगा रहता है कि वह किसी बडी वारदात के शिकार न बन जाए ।
कहते है दिल्ली दिलवालों की है , लेकिन बढ़ते अपराध को लेकर दिलवालों के दिल डरे हुए है। दिल्ली पुलिस अपना दावा ठोक रही है कि दिल्ली के अंदर अपराध की संख्या कम हुई है। अपराध को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस लगातार काम कर रही है। फिर भी रोजाना चैन स्नेचिंग , मोबाइल स्नेचिंग , चोरी और सरेआम बदमाशो द्वारा किसी भी व्यक्ति को गोली मारना समेत अन्य वारदाते हो रही है।
वही इस मामले में टेन न्यूज़ की टीम ने दिल्ली की जनता से खास बातचीत की , लोगों ने कहा कि दिल्ली में रोजाना अपराध देखने को मिलते है , दिल्ली को हम सेफ मानते थे , लेकिन आज ऐसा समय आ गया है कि दिल्ली से पलायन कर ले। साथ ही उनका कहना है कि रोड पर सिर्फ ट्रैफिक पुलिस नज़र आएगी , थाने की पुलिस किसी विशेष कार्य मे व्यस्त रहती है। इसलिए बदमाश अपनी वारदात को अंजाम देकर आसानी से फरार हो जाता है।
वही दूसरी तरफ युवाओं ने कहा कि दिल्ली के अंदर चैन और मोबाइल स्नेचिंग की लगातार वारदाते बढ़ती जा रही है। आज के समय मे लड़कियों को दुपट्टा गले मे बांधकर और मोबाइल को अपने बैग में रखकर कही जाना पड़ता है , क्योंकि ये नही पता कि आपके पीछे जो व्यक्ति आ रहा है वो अपराधी है या नही। अगर किसी मामले में किसी के साथ कोई वारदात हो जाती है तो इस मामले में जल्दी से एफआईआर दर्ज नही होती। जिसके कारण अपराधी सरेआम सड़कों पर घूम रहे होते है।
आपको बता दे कि दिल्ली के रोहिणी में रह रहे एलजी कंपनी के कंट्री मैनेजर के घर देर रात ताला तोड़कर 50 लाख से ज्यादा की चोरी हुई है। खासबात यह है कि दिल्ली के ओखला इलाके में रात बदमाशों ने साकेत कोर्ट में तैनात महिला एडिशनल सेशन जज का तीन किलोमीटर तक पीछा करते हुए उनसे लूटपाट की। बाइक सवार दो बदमाशों ने सरिता विहार अंडरपास से लेकर मां आनंदमयी मार्ग के कालकाजी डिपो तक जज की कार का पीछा किया।
आइडीएफसी बैंक टी प्वाइंट पर रेडलाइट होने के कारण जब उन्होंने कार रोकी तो पीछे का शीशा तोड़कर बदमाश उनका बैग लेकर फरार हो गए। जज ने बताया कि जहां से बदमाशों ने पीछा शुरू किया था, वहां से आइडीएफसी बैंक टी-प्वाइंट करीब तीन किलोमीटर है। इस पूरे रास्ते में कोई पीसीआर तैनात नहीं थी , जिससे साफ हो जाता है कि आखिर दिल्ली के अंदर अपराध बढ़ता ही जा रहा है।
