प्राधिकरण या सरकार नहीं, अब यूपी रेरा तय करेगा शाहबेरी का भविष्य, जानें कैसे
ABHISHEK SHARMA
Greater Noida : उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) शाहबेरी के खरीदारों का भविष्य तय करेगा। पीठ दो ने शाहबेरी के मामलों पर सुनवाई पूरी कर प्रतीक्षा में रखा है। रेरा के समक्ष तथ्यों के साथ पूरा प्रकरण रखा गया। रेरा की बैठक में शाहबेरी के मामलों पर फैसला लिया जाएगा।
ज्ञात हो कि 17 जुलाई, 2018 की रात शाहबेरी गांव में दो बहुमंजिला इमारतें गिर गईं थीं। हादसे में नौ लोगों की मौत हुई थी। उसके बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अवैध इमारतों पर कार्रवाई शुरू की। इमारतों को अवैध घोषित किए जाने के बाद खरीदारों ने यूपी रेरा का रूख किया। लेकिन, रेरा ने शाहबेरी के मामलों को अधिकार क्षेत्र से बाहर बताकर सुनने से इंकार कर दिया।
साथ ही 16 प्रोजेक्टों का पंजीकरण भी रद्द कर दिया था। इसके बाद खरीदारों की मांग और प्राधिकरण की अपील पर रेरा ने फिर से शाहबेरी के मामलों को सुनने का फैसला लिया। यूपी रेरा की पीठ दो मामलों पर सुनवाई कर रही है। ज्यादातर शिकायतों पर सुनवाई पूरी हो चुकी है।
यूपी रेरा के सदस्य बलविंदर कुमार ने बताया कि मामलों को प्रतीक्षा में रखा गया है। पीठ एक और दो ने 51 मामलों में सुरक्षित रखा फैसला यूपी रेरा की पीठ एक और दो ने सोमवार को विभिन्न बिल्डरों के 100 से अधिक मामलों पर सुनवाई की।
पीठ एक ने अलग-अलग बिल्डरों के 31 और पीठ दो ने 20 मामलों पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा है। रेरा की सदस्य कल्पना मिश्रा की पीठ एक ने सुपरटेक, जेबीके डेवलपर्स, इंवेस्टर क्लीनिक आदि के 31 मामलों में फैसला सुरक्षित रखा है।
