बंद पडे वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टमों की जांच होगी।

शहर के सभी बड़े प्लाटों व भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम होना अनिवार्य है, लेकिन बहुत सी ऐसी इमारतें हैं, जहां पर पर वाटर हार्वेस्टिंग नहीं है। ओर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र ( पॅजेशन) प्राप्त कर लिया है, ऐसे भवनो की जाॅंच के लिये प्राधिकरण शीघ्र ही लिए सघन जांच अभियान चलायेगा। यदि किसी आवंटी का रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट साफ नहीं मिला, तो प्राधिकरण उनके भवन, परिसर आदि का जल कनेक्शन काटने की कार्यवाई करेगा। गौरतलब है कि सभी 120 मीटर से बड़े साइज के प्लाटो मे वाटर हार्वेटिंग होना अनिवार्य है इसे हर दो वर्ष बाद को मेन्टिनेन्स किया जाना आवाश्यक होता है ताकि वह बरसात के पानी को सही तरीके अवशोषित कर सके। प्राधिकरण का कहना है कि पानी के जल स्तर को बढ़ाने के लिए सभी बड़े प्लॉटों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टमों की जांच की जायेगी। जिन बिल्डिंग या ग्रुप हाउसिंग सिस्टम खराब मिलेंगे, उनके खिलाफ कार्यवाई की जायेगी। सभी पार्कों में हार्वेस्टिंग सिस्टम को संचालित व साफ-सफाई के लिए एसएम को निर्देशित कर दिया गया है।

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