इस साल साधन संपन्न होगा ग्रेटर नोएडा

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पिछले दो दशक से परिवहन सुविधाओं की मार झेल रहे ग्रेटर नोएडा निवासियों को प्राधिकरण एक सपना दिखा रहा है। प्राधिकरण द्वारा दिखाए गए सपने में अगले साल ग्रेटर नोएडा निवासियों को आंतरिक और वाह्य परिवहन की सुविधा को लेकर कोई दिक्कत नहीं होगी, बल्कि लोगों को सड़क से उनके घर तक साधन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए प्राधिकरण कम्पलीट मोबिलिटी प्लान तैयार किया है।
वर्ष 1991 में ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण की स्थापना हुई थी। 27 जनवरी 2014 को प्राधिकरण की उम्र 22 साल हो जाएगी। इन 22 वर्षों में ग्रेटर नोएडा के निवासियों के लिए सिर्फ 72 रोडवेज बसें ही चला पाया है। जबकि यहां पर 1 हजार से अधिक आॅटो चलते हैं, जो बगैर परमिशन के हैं, मगर प्राधिकरण इन्हें हटा नहीं सकता क्योंकि उसकी मजबूरी है। आंतरिक और वाह्य परिवहन की सुविधा उपब्लध नहीं होने के कारण कम से कम दो दर्जन सेक्टर अभी तक विकसित नहीं हो सके हैं। वहीं, अब प्राधिकरण यहां निवासियों को आंतरिक और वाह्य परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराने का सपना दिखा रहा है। प्राधिकरण का दावा है कि अगले साल तक लोगों की यह शिकायत दूर हो जाएगी। प्राधिकरण के चेयरमैन रमा रमन का कहना है कि लोगों की सुविधा के लिए कम्पलीट मोबिलिटी प्लान तैयार किया गया है। इस प्लान के तहत आंतरिक और वाह्य दोनों तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। इसका प्रस्ताव भी अगली बोर्ड बैठक में रखा जाएगा और उसे मंजूर कराया जाएगा। प्राधिकरण के चेयरमैन का कहना है कि वाह्य परिवहन सुविधा को मजबूत करने के लिए दिल्ली की कंपनी माॅस ट्रांसपोर्ट कमोबिलिटी से समझौता किया गया है। यह कंपनी दिल्ली में सर्विस दे रही है। केन्द्र सरकार से भी बसों की मांग की गई है, जो दिल्ली और ग्रेटर नोएडा के बीच चलेंगी। केन्द्र सरकार से करीब 200 बसें मिलेंगी। चेयरमैन का कहना है कि ग्रेटर नोएडा शहर के लिए कम्पलीट मोबिलिटी प्लान तैयार किया गया है। जिसमे मेट्रो, रोडवेज, आॅटो रिक्शा, आॅटो आदि शामिल हैं। इसके लिए एक कंपनी का गठन किया जाना है, जिसके बाद भारी तादात में बसों को खरीदा जाएगा। इन बसों के आने के बाद ग्रेटर नोएडा शहर में बसों की कमी नहीं रहेगी। यह बसें सेक्टर उन हिस्सों में भी चलेंगी, जहां तक अभी नहीं पहुंच सकी हैं। प्राधिकरण का कहना है कि सेक्टर से बस स्टाॅप तक आने में कई बार लोगों को दिक्कत होती है। उन्हें कोई साधन नहीं मिलता है। जिससे उन्हें पैदल चलना पड़ता है। इसके लिए प्राधिकरण मोटर साइकिल राइडर की व्यवस्था करने जा रहा है। यह बाइक राइडर बस स्टाॅपों पर मिलेंगे और सवारियों को उनके घर तक छोड़ेंगे। चेयरमैन का कहना है कि अगले साल इसकी व्यवस्था कर दी जाएगी।

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