जानिए कांग्रेस के न्याय योजना के जरिए कैसे मिलेंगे गरीबों को 72 हजार सालाना

Abhishek Sharma

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#Election2019 : कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने चुनावों से ठीक पहले वादा किया है कि अगर कांग्रेस की सरकार बनी तो न्यूनतम आय योजना लागू की जाएगी। इसके तहत 5 करोड़ परिवारों के खाते में 72,000 रुपये हर साल डाले जाएंगे। इससे देश के 20 फीसदी गरीबों को सीधा फायदा होगा, लेकिन सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतना पैसा आएगा कहां से। कांग्रेस द्वारा जारी किए गए घोषणा पत्र में 5 करोड़ परिवारों को 72 हजार रूपये देने की न्याय योजना पर विपक्ष ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है और इसे लोगों को बेवकूफ बनाने वाली योजना करार दिया है।
आपको बता दें कि कांग्रेस ने लोकसभा चुनावों के शुरू होने से पहले सबसे गरीब 5 करोड़ परिवारों को प्रत्येक महीना 6 हजार रूपये देने की घोषणा की है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी का कहना है कि अगर कांग्रेस चुनाव जीतकर सरकार बनाती है तो यह वादा पूरा किया जाएगा। घर की महिला के खाते में यह रकम भेजी जाएगी, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।



अब सवाल उठता है कि अगर कांग्रेस की सरकार बनी तो इतना पैसा कहाँ से लाया जाएगा ?
कांग्रेस का मानना है कि इस योजना का पूरा खर्च करीब साढ़े तीन लाख करोड़ सालाना होगा। राहुल गाँधी का कहना है कि मोदी सरकार ने बड़े उद्योगपतियों को ऋण में साढ़े तीन लाख करोड़ से अधिक छूट दे दी है।  तो कांग्रेस गरीबों को 72 हजार सालाना क्यों नहीं दे सकती।
कांग्रेस के मुताबिक इस योजना का हिस्सा बनने के लिए आय प्रमाण पत्र की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। बल्कि इसके लिए गरीबी रेखा आंकड़े जैसे बीपीएल, आधार, नरेगा आदि का इस्तेमाल करेगी। कांग्रेस का दावा है कि अगर उनकी सरकार बनी तो हर राज्य में इस योजना पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस योजना के लागू होने से न तो टैक्स में बढ़ोतरी होगी और न ही पेट्रोल और मिटटी के तेल में। राहुल गाँधी का कहना है कि 10 साल पहले कांग्रेस ने जब मनरेगा योजना लागू की थी तो तब भी सवाल उठे थे लेकिन मनरेगा रोजगार के मामले में दुनिया दुनिया की सबसे बड़ी योजना बनकर उभरी थी।कांग्रेस ने न्याय योजना का प्रचार करने के लिए एक टोल फ्री नंबर 8471006006 भी जारी किया है। योजना का लाभ किस तरह से उठाया जाएगा, यह इस नम्बर पर फोन करके जानकारी मिल सकेगी।
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