दिल्ली क्राइम ब्रांच ने मोबाइल सप्लायर्स के एक बड़े नेटवर्क का किया खुलासा, 7 लोग गिरफ्तार, लूट और चोरी के 300 मोबाइल बरामद

ROHIT SHARMA / JITENDER PAL

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दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। जी हाँ दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मोबाईल सप्लायर्स के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चोरी के आरोप में 7 लोगों को गिरफ्तार किया है।

आरोपितों के पास से तीन सौ मोबाइल फोन बरामद किये गए हैं। बताया जा रहा है कि दिल्ली-एनसीआर में लोगों से स्नैच हुए मोबाइल नेपाल भेजे जाते थे। ये लोग चोरों से मोबाइल सस्ते दाम पर खरीद कर नेपाल में मोटे पैसे कमा लेते थे। फिलहाल पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर रही है।



दरअसल एक महीने पहले क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह और एसीपी जशवीर सिंह को एक इनपुट हाथ लगा था कि दिल्ली एनसीआर से स्नैच और चोरी हुए मोबाइल फोन नेपाल भेजे जा रहे हैं । कुछ लोगों के मोबाइल फोन को सर्विलांस पर लगाया गया तो पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो गया ।

क्राइम ब्रांच ने करोल बाग के बिड़नपुरा में एक रेड की और नरेश नाम के एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया जो दिल्ली में स्नैच हुए मोबाइल फोन का सबसे बड़ा खरीददार है।

वही नरेश से सख्ती से पूछताछ शुरू की तो एक बड़ा खुलासा हुआ, पुलिस को पूछताछ में नरेश ने बताया की दिल्ली एनसीआर में सक्रिय मोबाइल स्नैचरों से नरेश और उसके गैंग के रिसीवर सीधे संपर्क में थे। दिल्ली के कई स्नैचर झपटमारी और चोरी के मोबाईल फोन नरेश के गैंग मेम्बर राजन, गोपाल और मुकेश को औने-पौने दाम पर बेच दिया करते थे, बाद में मोबाइल फोन्स को नरेश दिल्ली में रह रहे नेपाली मूल के राम सिंह के जरिए नेपाल पहुंचा देता था ।

राम सिंह के गिरफ्तार होने के बाद पता चला कि नेपाल में बैठा दिल्ली के मोबाइल फोन को खरीदने वाला किंगपिन ने राम सिंह को 20 हजार रुपए महीने की पगार पर दिल्ली भेजा हुआ था, राम सिंह नरेश से मोबाइल फोन लेकर हर हफ्ते बस से नेपाल भेज दिया करता था ।

राम सिंह ने पुलिस को बताया की वो हर हफ़्ते करीब 40 से पचास मोबइल फोन नेपाल भेज देता था, नेपाल पहुंचते ही यह फोन नेपाल में बैठा गैंग रिसीव कर लेता था और फिर वहां के मोबइल मार्केट में दिल्ली एनसीआर के इन मोबाइल फोन की खपत हो जाती थी।

क्राइम ब्रांच की माने तो पिछले डेढ़ साल में अब तक यह गैंग करीब 10 हजार मोबाइल फोन नेपाल भेज चुका है। नेपाल पहुंचते ही ये फोन भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की रडार से बाहर हो जाते थे क्योंकि भारत के आईएमईआई नम्बरों के मोबाइल फोन देश के बाहर ट्रेस नहीं हो पाते हैं ।

दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच ने इस मामले में अबतक सात लोगों को गिरफ्तार किया है। फिलहाल गिरफ्तार किए गएृ लोगों से क्राइम ब्रांच पूछताछ कर रही है और इनके गैंग के अन्य सदस्यों के बारे में भी पता किया जा रहा है।

खासबात यह है कि जितने मोबाइल नेपाल भेजे गए है वो एप्पल, सैमसंग जैसे महेंगे फ़ोन है । साथ ही क्राइम ब्रांच द्वारा जो 300 फ़ोन बरामद किए है उसमें सारे महेंगे फ़ोन है, जिनकी कीमत 15 हज़ार से 50 हज़ार तक है ।

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