#मिसाल : माता पिता के साये से महरूम दिव्यांग बेटी की शादी में एकजुट हुआ समाज, ईसाई दम्पति ने किया ग्रेटर नॉएडा के मंदिर में कन्यादान !
Ashish Kedia / Saurabh Kumar
(24/11/2017)
आज ग्रेटर नॉएडा में सामजिक संस्था नवरत्न फाउंडेशन के तत्वाधान में एक अनूठे विवाह का आयोजन किया गया जो पुरे समाज के लिए मिसाल की तरह है।
माता-पिता एवं परिवार के सुख से वंचित एवं अपनी शारीरिक विकलांगता को मात देकर अपनी गूढ़ इच्छा शक्ति से स्नातक तक शिक्षित कुमारी अर्चना ने समाज को विपरीत परिस्थितयों से लड़ कर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। आज नवरत्न फाउंडेशन्स सामजिक संस्था के द्वारा उसका विवाह माता वैष्णो देवी मंदिर, अल्फ़ा 2 के मेट्रो स्टेशन के सामने ग्रेटर नोएडा में संपन्न कराया गया। समाज द्वारा अनूठी मिसाल पेश करते हुए और धर्म से ऊपर उठते हुए समाज के हर वर्ग ने इस में अपना सहयोग दिया और वह पूरे समाज की बिटिया बन गयी। सैकड़ों लोग आज इस अनूठे विवाह का हिस्सा बने और अर्चना को एक बड़े परिवार की अनुभूति कराई।

अर्चना जिसकी माता मंजू एवं पिता महेश प्रसाद जो बहुत पहले ही अपनीबिटिया को छोड़ स्वर्ग सिधार गए थे, आज पुरे समाज की बेटी बन लाल जोड़े में विदा हुई। ग्राम निलोनी साहिपुर,दनकौर निवासी शिव शर्मा ने माता वैष्णो मंदिर में सात फेरे ले उसे अपनी जीवन संगिनी बनाया। इस सुखद अवसर पर अर्चना के सुख-दुःख के साथी रहे नवरत्न परिवार के अनेक गड़मान्य सदस्य अपनी बेटी को आशीर्वाद और शुभकामना देने उपस्थित रहे।
सामाजिक एक रूपता की मिशाल पेश कर गया यह अनूठा विवाह :
बेटी अर्चना के इस पावन विवाह को संपन्न कराने के लिए समाज के सभी धर्मो एवं जातियों के लोगों ने अपना बहुमूल्य योगदान दिया। अर्चना के कन्यादान की जिम्मेदारी ग्रेटर नॉएडा के निवासी फ्रांसिस मसीह ने लेकर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया जिसका वहां मौजूद लोगो ने हर्षो उल्लास के साथ स्वागत किया । फ्रांसिस मसीह धर्म से ईसाई हैं और ग्रेटर नोएडा की तेजी से उभरती आई.टी. कंपनी फ्रांसिसकेन सोल्यूशन्स के अध्यक्ष भी है और सामाजिक गतिवधियों के लिए भी पहचाने जाते हैं।
इस अवसर पर नवरत्न फाउंडेशन्स के अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव द्वारा विवाह समारोह को सकुशल संपन्न करने के लिए बेहतरीन व्यवस्था की गई थी। पुरे जागरूक समाज की बेटी बन चुकी अर्चना जब मंदिर से विवाह उपरांत विदा हुई तो अनेको-अनेक उपहार के साथ समाज के विभिन्न तबके और धर्म जातियों के लोगों का प्यार और आशीर्वाद भी साथ ले कर गई।
