मोदी सरकार के अंतरिम बजट को लेकर बिमटेक कॉलेज के डायरेक्टर एच चतुर्वेदी ने दी बेबाक राय

Abhishek Sharma

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Greater Noida (02/02/10) : आगामी लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार द्वारा पेश किए गए अंतरिम बजट को विपक्ष की तरफ से चुनावी बजट करार दिया जा रहा है। सरकार ने इस बजट में कई योजनाएं और सौगात दी। नौकरी पेशा लोगों के लिए जहां टैक्स में राहत की घोषण की गई तो वहीं किसानों के लिए भी इस बजट में काफी कुछ रहा। आम चुनाव से पहले आमतौर पर सरकार अंतरिम बजट पेश करती है जिसमें नई सरकार बनने तक के लिए चार माह का लेखानुदान पारित कराया जाता है। चुनाव के बाद सत्ता में आने वाली नई सरकार जुलाई में पूर्ण बजट पेश करेगी।

मोदी सरकार द्वारा पेश किए गए अंतरिम बजट पर बिमटेक कॉलेज के डायरेक्टर एच चतुर्वेदी से टेन न्यूज़ ने बातचीत की और उनका मत जाना कि मोदी सरकार के इस बजट से किसको फायदा और किसको नुकसान हुआ।



एच चतुर्वेदी ने पेश किए गए अंतरिम बजट को लेकर कहा कि “जहां तक बजट का सवाल है तो 2 महीने बाद लोकसभा चुनाव होने ही वाले हैं। अभी देश में एनडीए की सरकार है, अगर कोई और सरकार भी होती तो वो भी शायद यही करती जो कि पियूष गोयल ने बजट पेश करते हुए घोषणाएं की हैं। चनावों के समय में सत्ताधारी सरकार के ऊपर समाज के विभिन्न वर्गों की ज्वलंत समस्याओं का दबाव होता है। हर समाज चाहता है कि सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में उनके लिए कुछ प्रावधान हो। इस बजट में संतुलन दिखता है, समाज के विभिन्न वर्गों की समस्याओं और मांगों के प्रति बजट संवेदनशील दिखाई पड़ रहा है।

इसमें छोटे किसानों के लिए सालाना 6 हजार रूपये मनी ट्रांसफर की सुविधा दी गई है। सांकेतिक रूप से यह एक सराहनीय कदम है, लेकिन किसानों की मुख्य समस्या कर्ज की है। मुझे नहीं लगता कि किसानों की मुख्य समस्या कर्ज का इससे कोई समाधान हो पाएगा। यूनिवर्सल बेसिक इनकम को मद्देनजर रखते हुए ये एक अच्छी शुरुआत है। देश में कोई भी सरकार हो उसे गरीबों और बेरोजगार युवाओं के लिए सार्वभौमिक बुनियादी आय का प्रावधान करना चाहिए।

उच्च शिक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि इस बजट में उच्च शिक्षा को लेकर कोई भी नई उल्लेखनीय योजना तो शुरू नहीं की गई है। पेश किए गए बजट में किसानों, मछुआरों, मध्य वर्ग के लोगों और आयकर दाताओं के लिए जरूर कुछ सहूलियत दी गई हैं। इसको देखते हुए हम यह कह सकते हैं कि बजट में कुछ संतुलन है लेकिन, बजट से मुझे जो शिकायत है वो यह है कि हमारे देश में जो 10 करोड़ बेरोजगार युवा हैं,देश में बेरोजगारी ऊंचे स्तर पर है। युवाओं के लिए कुछ सोचा जाना चाहिए था। बेरोजगार युवाओं को या तो सरकार बेरोजगारी भत्ता दे, जब तक उन्हें रोजगार प्राप्त न हो।

बेरोजगार युवाओं के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार में खाली पड़े पदों पर बिना किसी देरी के भर्ती निकलवानी चाहिए। 24 लाख से ज्यादा पद केंद्र सरकार में जबकि एक करोड़ से अधिक पद राज्य सरकार में खाली पड़े हुए हैं। विभिन्न कारणों से जो नौकरशाही की कार्यपद्धति से संबंधित होते हैं उन्हें भरा नहीं गया है। मुख्य रूप से मेरी जो मांग है वह युवाओं को रोजगार देने की है। सरकार को इसपर सोच विचार करना चाहिए”।

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