ग्रेटर नोएडा के अर्जुन भाटी ने मलेशिया में गोल्फ वर्ल्ड चैपियनशिप जीतने पर टेन न्यूज़ से की ख़ास बातचीत

Abhishek Sharma/ Saurabh Kumar

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Greater Noida (23/12/18) : ग्रेटर नोएडा के मांयचा गाँव के अर्जुन भाटी ने मलेशिया में आयोजित हुए गोल्ड किड्स वर्ल्ड चैंपियशिप को अपने नाम कर देश-विदेश में भारत व अपने ज़िले का नाम रोशन किया। देश में वापस लौटने पर क्षेत्रवासियों  डीएनडी टोल प्लाजा पर अर्जुन भाटी का जोरदार स्वागत किया इसके बाद नोएडा के सेक्टर-18 स्थित अट्टा मार्किट व ग्रेनो में परीचौक पर फूल माला पहनकर उनका जोरदार स्वागत किया गया।

दरअसल ग्रेटर नोएडा ग्रेटर वैली स्कूल में 9 वीं क्लास में पढ़ने वाले अर्जुन भाटी जेपी ग्रीन्स सोसाइटी में रहते हैं और वही पर कोच मोनिश बिंद्रा से गोल्फ की बारीकियां सीखते हैं।  अर्जुन ने 6 साल में करीब 82 टूर्नामेंट खेले हैं जिनमे से उन्हें करीब 69 में जीत मिली और 35 टूर्नामेंट में वो पहले स्थान पर रहे। अर्जुन ने मलेशिया में अंडर-14 वर्ग में ग्रेड बी में यह चैंपियनशिप अपने नाम की है।
गोल्फ किड्स वर्ल्ड चैंपियनशिप में विजेता बनने पर सबसे पहले टेन न्यूज़ ने अर्जुन भाटी से उनके चैंपियन बनने के सफर के बारे में बात की।
 यूएस किड्स वर्ल्ड चैंपियनशिप का विजेता बनने के बाद उनका डीएनडी पर इतना भव्य स्वागत किया गया तो इस सबका उनका कैसा अनुभव रहा।
उन्होंने कहा कि गोल्फ किड्स वर्ल्ड चैंपियनशिप का विजेता बनने के बाद बहुत ख़ुशी महसूस हुई और वापस लौटने के बाद जो स्वागत किया गया वो बहुत सम्मान की बात है मेरे लिए। पूरे समाज से लोग मुझे लेने के लिए लिए आए और सभी लोगों ने जो स्वागत और सम्मान किया है तो ये मेरे बेहद ख़ुशी के पल हैं।
टूर्नामेंट में उनकी कैसी यात्रा रही, इसपर उन्हने कहा कि मैं पिछले छह साल से गोल्फ खेल रहा हूँ। इससे पहले मैंने 2016 में एक टूर्नामेंट जीता था जिसके कारण मुझे  चैंपियनशिप में डायरेक्ट एंट्री मिल गई। मलेशिया जाने से पहले अपने खेल को लेकर मैंने बहुत मेहनत की थी। रोजाना 6 से 8 घंटे गोल्फ खेलना और फिट फिटनेस पर ध्यान देना  और उसके साथ-साथ स्कूल में पढ़ाई को भी साथ में लेकर चलना था। इस मुकाम तक पहुँचने के लिए काफी मेहनत मुझे करनी पड़ी।
टुर्नाम्नेट में अन्य देशों के खिलाडियों से किस तरह की चुनौतियाँ मिली ?
इस चैंपियनशिप में पूरे विश्व से 29 देशों के खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया था। जिसमे सभी खिलाडियों ने अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दिया।  सभी प्रतिद्वंदियों से चुनौतीपूर्ण टक्कर मिली
मशहूर गोल्फ खिलाड़ी टाइगर वुड्स को अपने लिए प्रेरणाश्रोत बताते हुए उन्होंने कहा कि बचपन से ही मैं टाइगर वुड्स  खेलते हुए देखा करता था  जिसके  बाद से उनकी रुचि गोल्फ में हुई और मैंने गोल्फ खेलना शुरू किया। उन्होंने कहा कि उनका सपना विश्व का नंबर 1 गोल्फर बनना है।

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