किसानो को मिलेगी बड़ी राहत, यमुना प्राधिकरण जल्द देगा 7 % आबादी आवंटन

Abhishek Sharma

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Greater Noida (05/03/19) : मुना प्राधिकरण में लंबे समय से एसीईओ की नियुक्ति न होने के कारण गाँवों की आबादी व्यवस्थापन के केसों में कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। यमुना प्राधिकरण में अब एसीईओ की नियुक्ति हो गई है तो जो रुके हुए आबादी व्यवस्थापन के केस हैं उन पर एसीईओ के द्वारा जांच करके एक रिपोर्ट तैयार करनी होगी। प्राधिकरण में एसीईओ का पद पिछले 10 महीने से खाली पड़ा हुआ था। वहीं यमुना प्राधिकरण ने क्षेत्र में मुआवजा बांटना शुरू कर दिया है, बहुत से लोगों ने अपनी ज़मीन पर कोर्ट से स्टे भी ले रखा था।

यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ अरुणवीर सिंह ने बताया कि एसीईओ की नियुक्ति अब हो गई है, आबादी व्यवस्थापन के कई केस अधूरे पड़े हुए थे। इसकी आबादी विनियमावली में एसीईओ को अधिकार है कि वो आबादी व्यवस्थापन के केसों की गाँवों में जाकर जांच कर सकते हैं। प्राधिकरण की ओर से पहले भी समय-समय पर आबादी व्यवस्थापन किया जा चूका है। उन्होंने बताया कि बहुत सारे प्रकरणों में आबादी विस्थापित की गई है, लेकिन शिफ्टिंग की पॉलिसी न होने के कारण शिफ्टिंग का कार्य रुका हुआ था, एवं आबादी व्यवस्थापन का कार्य एसीईओ न होने के कारण रुका हुआ था।



उन्होंने कहा कि आज हमने तय किया है कि एसीईओ हफ्ते में दो दिन जाकर आबादी व्यवस्थापन की जांच कर एसीईओ की टीम एक रिपोर्ट तैयार करेगी। अगर वहां पर गलत तरह से अधिग्रहण हुआ है तो उसकी जांच की जाएगी। उसकी रिपोर्ट बनाकर सीईओ की कमेटी को सौंपी जाएगी। सीईओ स्तर पर इसकी जांच होकर यह रिपोर्ट बोर्ड में रखी जाएगी। बोर्ड के द्वारा ही अंतिम आबादी व्यवस्थापन की जाएगी।

7% आबादी का बहुत सारे प्रकरण अभी अधूरे पड़े हुए हैं, पहले किसानों ने जमीन पर स्टे ले रखा था जिस कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। प्राधिकरण अब गाँवों में किसानों को मुआवजा बाँट रहा है, जिसके चलते बहुत से किसानों ने स्टे वापस ले लिया है। इन किसानों के नाम भी पात्रता सूची में जोड़ दिया जाएगा और मुकदमा वापस लेने वाले लोग भी 7% मुआवजा लेने के पात्र हो गए हैं।

हर गाँव की नई सूची बनाकर उसका 15 दिन में पब्लिकेशन करा दिया जाएगा। जिसके बाद 2-3 माह के भीतर ही 7% आबादी आवंटित कर दी जाएगी।

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