जीबीयू से विदेशी विद्यार्थियों का पहला जत्था वीयट्नाम के लिए रवाना हुआ

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कोरोना महामारी एवं लाक्डाउन की वजह से जीबीयू में पढ़ाई कर रहे विदेशी छात्रों की अपने देश वापसी भेजने के सिलसिला शुरू हुआ। इस क्रम में आज वीयट्नाम के 54 छात्रों मुख्यतः बौध भिक्षु एवं भिक्शनियाँ है जो विश्वविद्यालय के बौध अध्ययन एवं सभ्यता संकाय के विभिन्न कोर्सेज़ में अध्ययन कर रहे हैं का पहला जत्था वीयट्नाम दूतावास एवं भारत सरकार के संयुक्त प्रयास से आज विश्वविद्यालय के विदेशी छात्रावास के अभिरक्षक एवं निदेशक, विदेशी प्रभार डॉ. अरविन्द कुमार सिंह के देखरेख में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नई दिल्ली के लिए रवाना हुई।

यहाँ यह जानकारी देना भी निहायत ज़रूरी है कि इन विदेशी छात्रों में ज़्यादातर छात्र स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष एवं द्वितीय वर्ष, एम फ़िल एवं पीएचडी के छात्र हैं। इनमें से स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष के छात्रों की अंतिम सेमेस्तेर की ऑनलाइन परीक्षा जून 1 से लेकर जून 16 तारीख़ के बीच होनी तय हुई है। इन छात्रों को ऑनलाइन परीक्षा में सम्मिलित होना आवश्यक है और यह जानकारी उन्हें दे दी गयी है ताकि उन्हें डिग्री मिलने में भविष्य में कोई परेशानी ना हो। यह व्यवस्था यूजीसी एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देश के तहत की गयी है।

इनमें से लगभग सभी विदेशी छात्र जो एमए एवं एमफ़िल कार्यक्रम में हैं और जिन्हें डिग्री के लिए अंतिम सत्र की परीक्षा के साथ डिसर्टेशन (शोध पुस्तक) विभाग में जमा करना आवश्यक है ने अपने अपने शोध निर्देशक के पास जमा कर दी है या मई 31 तक कर देंगे।

विदेशी छात्रों का दूसरा जत्था म्यांमार के लिए सम्भवतः 23 मई की मध्य रात्रि में बोधगाया (गया, बिहार) के लिए रवाना होना है क्योंकि इनकी अपने देश वापसी के लिए गया हवाई अड्डे से होना निश्चित हुआ है। यहाँ से बोधगया, बिहार के लिए यात्री बस की व्यवस्था की जा चुकी है। इनमें कूल 33 विदेशी विद्यार्थी जीबीयू के होंगे और साथ में कुछ एनसीआर में रह रहे म्यांमार के विदेशी छात्र भी यात्रा करेंगे।

डॉ अरविन्द कुमार सिंह ने इस जत्थे को यात्रा की सुभकामनाओं के साथ विदेशी छात्रों को नई दिल्ली हवाई अड्डे के लिए विदेशी छात्रावास से रवाना किया।

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