‘मन की बात’ : लॉक डाउन के बाद चार श्रेणियों में क्षेत्र के युवाओं को दिया जाएगा रोजगार, विधायक धीरेंद्र सिंह की खास तैयारी

Abhishek Sharma

ग्रेटर नोएडा : पूरे देश में कोरोना वायरस महामारी का प्रकोप है। देश में लगातार पूर्णा संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। अब रोजाना लगभग 3500-4000 नए मामले सामने आ रहे हैं। देश में लॉकडाउन 3.0 चल रहा है, जो 17 मई तक लागू किया गया है।

उत्तर प्रदेश के जिले गौतमबुद्ध नगर में कोरोना का कहर जारी है। यहां अब तक 203 मरीज कोरोना से संक्रमित हो चुके है। जिसको लेकर जिला प्रशासन , स्वास्थ्य विभाग , विधायक समेत सांसद अपनी नज़र बनाए हुए है। वहीं इस संख्या में गिरावट को लेकर सभी मंथन कर रहे है।

इस लॉकडाउन में टेन न्यूज़ नेटवर्क वेबिनार के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रहा है , साथ ही लोगों के मन में चल रहे सवालों के जवाब विशेषज्ञों द्वारा दिया जा रहा है। आपको बता दे की टेन न्यूज़ नेटवर्क ने “मन की बात” कार्यक्रम शुरू किया है , जो टेन न्यूज़ नेटवर्क के यूट्यूब और फेसबुक पर लाइव किया जाता है।

वही इस “मन की बात” कार्यक्रम में जेवर के धीरेंद्र सिंह ने हिस्सा लिया , साथ ही इस कार्यक्रम के माध्यम से गौतमबुद्ध नगर की जनता को महामारी के प्रति जागरूक किया गया। विधायक धीरेंद्र सिंह ने इस कार्यक्रम में एक विशेष बात पर जोर दिया , जिसमे उन्होंने कहा की लोग फिजिकल दुरी , मास्क और हाथ को साबुन से धोते रहे। साथ ही अनावश्यक घर से बाहर न निकलें।

उन्होंने कहा कि मैं आज इस कार्यक्रम के माध्यम से सभी लोगों से कहना चाहता हूं कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सही समय पर लाॅक डाउन कर निर्णय लिया, क्योंकि जो हालात इटली, ईरान और अमेरिका में हो गए थे, उसके लिए लॉक डाउन ही एक विकल्प है। खास बात यह है कि यह सभी देश स्वास्थ्य सेवाओं में भारत से कहीं आगे हैं। जब यह देखा गया कि हमारे देश में स्वास्थ्य का उतना बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है, हमारे प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता काम आई।

विधायक नेऋकहा कि प्रधानमंत्री ने सोशल डिस्टेंस को लागू करने के लिए लॉक डाउन की घोषणा की और आज हम लॉक डाउन के तीसरे चरण में हैं, लेकिन जहां तक मैं समझता हूं कि अभी हमें आने वाले कुछ दिन या कुछ महीने और इसी तरीके से सोशल एवं फिजिकल डिस्टेंस बनाकर रहना पड़ेगा।

उन्होंने कहा, मैं यहां का जनप्रतिनिधियों होने के नाते लोगों से अपील करता हूं कि जो जहां है, वही रहेंं, घर से बिल्कुल बाहर ना निकले। देश के प्रधानमंत्री ने जनता के बारे में सोचते हुए अपील की। लेकिन मुझे दुख तब होता है, जब लोग उनकी अपील को नहीं मानते। निरंतर देखने में आता है कि सोशल डिस्टेंसिंग का मजाक उड़ाते हैं।

विधायक ने कहा, मेरा मानना है कि यह लॉक डाउन हम सब लोगों के जीवन में ट्रेनिंग पीरियड है और यह पीरियड हमें सिखाएगा कि आने वाले दिनों में अपनी जीवनशैली को किस प्रकार रखना है, किस तरह से हमें दफ्तर जाना है, किस तरह लोगों से बातचीत करनी है। लोगों को सोचना चाहिए कि कैसे हमारे बच्चे स्कूल जाएंगे, उनका सीटिंग प्लान क्या होगा। भविष्य में लोगों को अपनी जीवनशैली को निश्चित तौर पर बदलना पड़ेगा और नहीं मानेंगे तो लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

आज हमें अपने साथ साथ अपने पड़ोसियों का भी ध्यान रखना पड़ेगा। अगर पड़ोसी को संक्रमण हो गया तो वह पूरी कॉलोनी में फैल सकता है। इन बातों का हमें विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए। कोरोना वायरस के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हमने शुरू से ही एक पहल शुरू की। हमने डॉक्टरों के पैनल को बैठाया, फेसबुक लाइव के माध्यम से लोगों के सुझाव लिए। उस सुझाव से यह फायदा हुआ कि बहुत सी बीमारियों का इलाज लोगों को डॉक्टरों ने घर बैठे बता दिया।

इसके साथ ही हमने लखनऊ विश्वविद्यालय और गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लाइव किया और उनके माध्यम से यह जाना कि लखनऊ विश्वविद्यालय ने अपने यहां कोविड 19 को एक विषय के तौर पर समाहित किया है और उन्होंने उस पर रिसर्च करने के लिए कार्य भी आरंभ कर दिया है। दूसरी तरफ गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति ने देश में लॉक डाउन का आर्थिक स्थिति पर क्या फर्क होगा, उस पर अपने विचार रखे।

लघु और सूक्ष्म उद्योग, उद्योग भारतीय, लघु उद्योग भारती, इन सारी संस्थाओं से हमने जाना कि आखिर क्या-क्या दिक्कतें हैं, जो उद्यमियों को आ रही हैं। क्योंकि लॉक डाउन हल्का होगा तो इंडस्ट्री खोलनी पड़ेगी, इसके लिए ऐसी क्या सुविधा हो सकती है जिससे सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे और कम से कम रिस्क पर काम शुरू किया जाए।

विधायक धीरेंद्र सिंह का कहना है कि इस जिले में प्राधिकरणों से बहुत सारी ऐसी गलतियां हुई हैं, जिनसे किसान आज तक संघर्षरत हैं और हम देखते हैं कि बहुत धरने प्रदर्शन इस जिले में होते हैं। उसकी आखिर वजह यह रही कि किसान से जमीन लेने के बाद में प्राधिकरणों ने यह नहीं सोचा कि जिसका हम जीवन यापन उजाड़ रहे हैं, उसके बच्चों को उसके लिए जीवन यापन का क्या जरिया होगा। जिससे उनकी संतानें गलत रास्तों पर ना भटके।

इसके लिए स्किल इंडिया के सीईओ ने हमको सुझाव दिए और कहा कि एयरपोर्ट क्षेत्र के सारे नौजवानों की एक लिस्ट बनाई जाए और हम पूरी मदद करेंगे। उस क्षेत्र में एक्सपर्ट्स को भेजेंगे ताकि हम उन किसानों के बच्चों को जो जमीन जाने के बाद बेरोजगार हो जाएंगे, उन्हें हम एयरपोर्ट बनने से पहले ही स्किल्ड कर देंगे।

विधायक ने कहा कि पहली सूची हम ऐसे लोगों की बनाएंगे जिन्होंने उच्च शिक्षा ग्रहण की है। जैसे, बीटेक, एमटेक, बीबीए, एमबीए या अन्य कोर्स कर रखे हैं और स्किल इंडिया के माध्यम से हम कोशिश करेंगे कि देश में जहां कहीं भी उनके लिए रोजगार के अवसर होंगे, उन्हें वहां एडजस्ट किया जाए।

दूसरी सूची में ऐसे लोगों चुनेंगे जो आईटीआई, मैकेनिकल या दूसरी लाइन की पढ़ाई किए हुए हैं, उन लोगों का कहां समायोजन हो सकता है उसका प्रयास करेंगे। तीसरी सूची इंटर, बीए पास लोगों की बनाएंगे जिससे कि हम लोगों को एयरपोर्ट बनने से पहले ही स्किल्ड करा दें। उससे पहले हम जानेंगे कि इन नौजवानों का मानसिक स्तर क्या है, यह किस दिशा में जाना चाहते हैं। उसके लिए एक फॉर्म बना हुआ है जिसे भरने के बाद में सामने आ जाता है कि बच्चे का रुझान किस ओर है।

चौथी सूची में अनपढ़ लोगों को लेंगे। जो लोग खेती या मजदूरी कर अपना जीवन यापन करते हैं, उनके लिए रोजगार की व्यवस्था के लिए बहुत सी हाउसकीपिंग, ट्रांसपोर्ट व अन्य रोजगार के मौके होते हैं, जहां हम इन लोगों को एडजस्ट कर सकते हैं।

विधायक ने कहा कि लाॅकडाउन के दौरान ट्विटर के माध्यम से हमने एक 24*7 सेवा शुरू की है। आप देखेंगे कि इसके माध्यम से हम सुबह 4:00 बजे, 5:00 बजे लोगों की समस्याएं हल कर रहे हैं। यह इसलिए शुरू किया गया है कि आपदा के समय में कोई भी व्यक्ति देश के किसी भी हिस्से में परेशान हैं, अगर हम उसके कुछ मदद कर पाए तो इससे अच्छी क्या बात हो सकती है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.