ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो प्रोजेक्ट में प्रदेश सरकार नहीं देगी पैसे, दोनों प्राधिकरण करेंगे वहन
ABHISHEK SHARMA
Greater Noida : ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मेट्रो के प्रोजेक्ट को तो उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने हाल ही में मंजूरी तो दी है, लेकिन इस शर्त पर कि इसमें वह कोई पैसा नहीं देगी। पूरा खर्च नोएडा व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को वहन करना पड़ेगा। दरअसल, करीब 15 किलोमीटर लंबे ट्रैक को बनाने में करीब 2682 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
प्रदेश सरकार ने साफ कर दिया है कि वह इस रूट को बनाने का खर्च वह नहीं उठाएगी। नोएडा व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ही वहन करेंगे। कुछ फंड भारत सरकार से मिलेगा। पहले चरण में सेक्टर-71 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-दो तक मेट्रो प्रस्तावित की गई है। यह 9.155 किलोमीटर लंबा ट्रैक होगा। इसे बनाने में करीब 1521 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इसमें ग्रेटर नोएडा को 235 करोड़ रुपये देने होंगे। बाकी रकम करीब 1286 करोड़ रुपये नोएडा और भारत सरकार से प्राप्त होगी। पहले फेज में नोएडा के सेक्टर-71 के बाद पहला स्टेशन सेक्टर-120 में बनेगा। इसके बाद सेक्टर 123, ग्रेटर नोएडा वेस्ट का सेक्टर-4, सेक्टर-16 बी के बाद सेक्टर दो आखिरी स्टेशन होगा।
यह भी एलिवेटेड मेट्रो होगी और सेंट्रल वर्ज पर बनेगी। इसके बाद सेकेंड फेज के मेट्रो पर काम होगा। दूसरे चरण में नॉलेज पार्क फाइव तक काम होगा। इसके बनने पर इस रूट की कुल लंबाई 14.958 किलोमीटर हो जाएगी। सेक्टर-71 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक की मेट्रो का प्रस्ताव भेजते समय ही प्रदेश सरकार से निवेदन किया गया था कि इस पर मंजूरी दे दीजिए। प्र
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ के.के गुप्ता का कहना है कि प्रदेश सरकार की तरफ से मिलने वाली रकम को भी दोनों प्राधिकरण मिलकर वहन कर लेंगे। सरकार ने उसी प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। दोनों प्राधिकरण पैसा देने पर राजी हैं इसलिए कोई दिक्कत नहीं आएगी।