NOIDA GOVT PRIMARY SCHOOLS LACKS TEACHERS, STUDENTS OPTING SELF STUDIES
NOIDA ROHIT SHARMA
यूँ तो भारत सरकार ने सर्व शिक्षा अभियान चला रखा है और करोडो अरबो रूपये खर्च किये जा रहे है लेकिन हालात इसके उलट है भले ही दावे कितने भी किये जाते हो लेकिन जमीनी हकीकत का जब हमने जायजा लिया तो सरकार के करोडो रूपये पानी में बहते नजर आये ,ये हाल है दिल्ली से सटे हाईटेक शहर नॉएडा के प्राथमिक विधालयो के जहाँ के बच्चे स्कूल में आते तो पढाई करने है लेकिन उनसे साफ़ सफाई ,झाड़ू लगाना जैसे काम भी कराये जाते है वहीँ सैकड़ों बच्चों के बीच एक या दो ही टीचर है ये नजारा है नॉएडा के सेक्टर 51 स्थित पूर्व माध्यमिक विधायल है जहाँ आप देख सकते हैं कैसे बच्चे जमीन में बैठ कर पढाई कर रहे है वो भी ठण्ड के इस मौसम में लेकिन बच्चों को बैठने के टेबल कुर्सी तो छोडिये एक अदद चटाई भी नहीं मुहैया कराई गयी है जबकि बच्चों को स्कूल में भेजने के जागरूक करने के लिए सरकार सर्व शिक्षा अभियान के तहत करोडो रूपये खर्च कर रही है लेकिन स्कूल में आने वाले बच्चों को ही जरुरी सुविधा मुहैया नहीं कराई जा रहीं है वहीँ पास ही बने प्राथमिक विधालय में तो और बुरा हाल है यहाँ बने स्कूल में जब हमने बच्चों से बात करी तो बच्चे रो पड़े और उन्होंने बताया की उन से प्रिंसिपल द्वारा घर के काम कराये जाते हैं वहीँ स्कूलों में भी उन से झाड़ू लगवाई जाती है ऐसे में स्कूल में विद्या अर्जन करने आये ये बच्चे अपने हाल पर रो रहे हैं बच्चों का कहना है की कई क्लासों में टीचर भी नहीं आते है बच्चों को खुद ही एक दुसरे को पढ़ाना पड़ता है वहीँ इस बारे में जब हमने प्राथमिक विद्यालय की प्रिनिसिपल से बात की तो उनका कहना था की स्कूल में स्टाफ की कमी है जिसके लिए उच्च अधिकारीयों से बात की गयी है लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं लिए गए है लेकिन जो हालात इन सरकारी स्कूलों के सामने आये उन्हें देख कर लगता नहीं है की सरकार द्वारा चलाये जा रहे सर्व शिक्षा अभियान को लेकर ठीक कदम उठाए जा रहे है
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