नोएडा पुलिस ने की बेहतरीन विवेचना , मां की हत्या के दोषी बेटे को 10 साल की कैद    

ROHIT SHARMA

नोएडा पुलिस ने बेहतरीन विवेचना से एक निर्दोष नाबालिग को सजा होने से बचा लिया। इस मामले में दोषी करार दिए गए उसके पिता ने ही उसे झूठा फंसाकर उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी थी।

पुलिस की विवेचना में एफआईआर दर्ज कराने वाला व्यक्ति ही अपनी मां का हत्यारा निकला। इन्हीं तथ्यों व सबूतों के आधार पर अडिशनल डिस्ट्रिक्ट एवं सेशन जज-6 पवन प्रताप सिंह की अदालत ने मां के हत्या करने वाले बेटे को 10 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

नोएडा के बरौला में रहने वाले कृष्ण कुमार ने 23 मार्च 2016 को अपने नाबालिग बेटे के खिलाफ नोएडा के सेक्टर-49 थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि गलत संगत में रहने व बिना बताए गायब होने पर उसने अपने बेटे को डांट दिया था। इसके चलते नाबालिग बेटे ने रात में उस पर हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आई कृष्ण कुमार की मां शकुंतला पर भी हमला किया गया।

बाद में इलाज के दौरान शकुंतला की मौत हो गई , सब इंस्पेक्टर भानू प्रताप सिंह ने मामले की जांच की थी। जांच में पाया कि नाबालिग बेटे को फंसाने के लिए पिता ने झूठी एफआईआर दर्ज कराई थी।

पुलिस ने नाबालिग को क्लीन चिट दी और गैर इरादतन हत्या के आरोप में कृष्ण कुमार और उसके दो साथियों मनोज और विनोद को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि कृष्ण कुमार को मालूम था कि लोहे की जिस जंजीर से वह अपने बेटे को पीट रहा था, उसकी चोटों से उसकी बुजुर्ग मां की मौत हो सकती है।

इन तथ्यों के आधार पर कोर्ट ने कृष्ण कुमार को दोषी करार दिया। उसे 10 साल सश्रम जेल और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। सबूत न मिलने पर मनोज और विनोद को बरी कर दिया गया , कृष्ण कुमार को न्यायिक हिरासत में लेने के बाद जेल भेज दिया गया है।

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