सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण देकर मोदी ने चलाया ब्रम्हास्त्र , आम जनता ने दी बेबाक राय

Talib Khan / Rohit Sharma

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Noida, (9/1/2019): देश के लोग सोचते होंगे की नेता देश का विकास करेंगे , लेकिन किसी को यह नहीं पता की अगर देश के अंदर किसी की भी सरकार हो, वो लोग अपने वोट बैंक बनाने के लिए कुछ भी कर सकते है| फ़िलहाल 2019 में लोकसभा के चुनाव आने वाले है, हर पार्टी अपनी राजनीति चमकाने के लिए सभी महत्वपूर्ण कदम उठा रही है | वही कुछ महीनो पहले, बीजेपी को 3 राज्यों में करारी हार मिलने के बाद मोदी सरकार ने आने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर अपना ब्रह्मास्त्र का उपयोग किया है, जिससे उनकी सरकार दुबारा से केंद्र में सरकार बना सके |

आपको बता दे की केंद्र की मोदी सरकार ने बीते सोमवार को एक ऐसा मास्टर स्ट्रोक लगाया है, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वह देश की राजनीति का मिजाज बदल सकता है। मोदी सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को शिक्षा और नौकरी में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया है। केंद्र सरकार ने मंगलवार को इस बिल को लोकसभा में पास भी कर दिया है | वही आज इस बिल को लेकर राज्यसभा में चर्चा की जा रही है |



दरअसल सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन किया जाएगा, अभी तक संविधान में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए 49.5 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान है | यह 10 प्रतिशत आरक्षण पहले से चल रहे आरक्षण के कोटे से अलग होगा, केंद्र सरकार ने मंगलवार को ही इस बिल को संवैधानिक मंजूरी देने के लिहाज से लोकसभा में पास कर दिया |

ऐसे में सवाल यह उठता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह मास्टर स्ट्रोक आगामी लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कितना कारगर साबित होने वाला है? इस विधेयक को अमल में लाना कितना आसान और कितना मुश्किल है? इस विधेयक को पास कराने में सरकार को कितना वक्त लगेगा ?

वही इस मामले में आज टेन न्यूज़ ने आम लोगों से राय ली की मोदी सरकार के द्वारा, आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को शिक्षा और नौकरी में 10 प्रतिशत आरक्षण देना सही है या नहीं, जिसको लेकर लोगों ने अपनी अलग अलग राय दी |

लोगो का कहना है की मोदी सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को शिक्षा और नौकरी में 10 प्रतिशत आरक्षण करने का फैसला लिया है वो अपना वोट बैंक बनाने के लिए किया है , क्योकि कुछ महीनों बाद लोकसभा चुनाव होने वाले है | वही इस मामले में युवाओं का कहना है की देश के अंदर केंद्र सरकार को आरक्षण खत्म कर देना चाहिए, जिससे कोई युवा अपनी मेहनत से कामयाबी हासिल कर सके, ना की कोई भी व्यक्ति मेहनत न करके आरक्षण की मदद से अच्छे पद पर पहुंच सके |

वही दूसरी तरफ युवाओ ने कहा की मोदी सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को शिक्षा और नौकरी में 10 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए शुरुवात की है, वो काफी सही है, क्योकि सभी जाति को आरक्षण मिला है, वही अब सवर्णों जाति को भी आरक्षण मिलेगा, जिससे सभी को फायदा मिलेगा |

खासबात यह है की मोदी सरकार ने आने वाले 2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर अपना ब्रह्मास्त्र चला दिया है, जिसका कोई भेद नहीं कर सकता है। लेकिन ये कलयुग है जिसकी वजह से इस ज़माने में कोई ब्रह्मास्त्र भी सफल नहीं हो सकता है, क्योकि आज के युवाओं की सोच है की देश के अंदर आरक्षण खत्म कर देना चाहिए, जो मेहनत करे वो ही अच्छे पद पर जा सके |

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