अधिकारी और कर्मचारी को सता रहा स्ट्रिंग का डर.
यादव सिंह प्रकरण को लेकर ग्रेटर नोएडा और यमुना डिवेलपमेंट अथॉरिटी में अभी तक अफसरों और कर्मचारियों की सांसें उखड़ी हुई हैं। अधिकारी और कर्मचारी आम पब्लिक से भी मिलने से कतरा रहे हैं और किसी काम की एवज में खुल कर पैसा मांगने से कतरा रहे हैं। लिहाजा अथॉरिटी में कामकाज भी ठप्प पड़ा है।
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी के चीफ इंजीनियर पर आय कर विभाग और ईडी का सिकंजा कसने के बाद से तीनों अथॉरिटीज में हड़कम्प मचा हुआ है। तीनों अथॉरिटी में सन्नाटा पसरा हुआ है। प्राधिकरण ने पब्लिक के मिलने का समय भी निर्धारित कर दिया है और दोपहर एक बजे के बाद किसी को अधिकारियों से मिलने की अनुमति नहीं मिलेगी। अथॉरिटी यह सब भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी को रोकने के उद्देश्य से किया है। वहीं, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी में पिछले 15 दिनों से कामकाज ठप्प पड़ा हुआ है। अथॉरिटी के अधिकारी और कर्मचारी सकते में हैं, लिहाजा पब्लिक का काम भी नहीं हो रहा है। सूत्रों की माने तो जब भी कोई अधिकारियों या कर्मचारियों से मिलने के लिए जाता है, तो उससे मिलने से अधिकारी कतराते हैं। बताया जा रहा है कि जब कोई व्यक्ति अपने काम के लिए बोल रहा है, तो कर्मचारी सीधे मुंह बात करने से डर रहे हैं। उन्हें अपना स्ट्रिंग होने का खतरा सता रहा है। जिसके चलते कर्मचारी पब्लिक के काम भी नहीं कर रहे हैं और लोग परेशान हो रहे हैं।
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