चार बजे से पहले ही स्कूल बंद कर चले जाते हैं शिक्षक ग्रेटर न¨एडा ;सतेन्द्र सिंह

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प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कितनी इमानदारी से करते हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई काॅलेज समय से दो-तीन घंटे पहले ही बंद कर दिए जा रहे हैं। शिक्षकों में बेसिक शिक्षा अधिकारी का कोई खौफ नहीं है। इसका खुलासा स्वयं बीएसए द्वारा अपनी जांच में किया गया है और उन्होंने एक विद्यालय से स्पष्टीकरण मांगा है।
प्राथमिक विद्यालयांे को सुबह 10 से शाम 4 बजे तक खोले रखने का निर्देश दिया गया है। शिक्षकों को समय को लेकर भी आपत्ति थी। क्योंकि पहले विद्यालय सुबह 7 से दोपहर 1 बजे तक खुलते थे। शिक्षकों को दोपहर बाद का पूरा समय बच जा रहा था। वहीं, समय में परिवर्तन होने के बाद शिक्षकों द्वारा मनमानी की जा रही है। शिक्षकों को सुबह 10 बजे से पहले स्कूल पहुंचना है, मगर वह सुबह 11 बजे के बाद ही पहुंच रहे हैं। स्कूल में कक्षाएं भी नहीं लेते हैं और सिर्फ पंचायत ही होती है। इसकी जांच के लिए बीएसए अशोक कुमार स्वयं मौके पर पहुंचे। कई स्कूलों में पाया गया कि विद्यालय समय से पहले ही बंद हो गए थे और सभी शिक्षक और बच्चे घर निकल चुके हैं। बीएसए को यह देखकर आश्चर्य हुआ और उन्होंने एक विद्यालय को नोटिस जारी करते हुए सभी शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है। बीएसए का कहना है कि विद्यालय को समय से पहले बंद करना एक गंभीर मामला है। इस पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, उक्त विद्यालय के शिक्षकों का कहना है कि एक बच्चे की तबीयत खराब हो गई थी। जिसके चलते छुट्टी करनी पड़ी थी। मगर तबीयत खराब होने पर छुट्टी करने का कोई प्राविधान नहीं है। शिक्षकों ने प्राथमिक से लेकर जुनियर तक की छुट्टी कर दी थी।

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