बिमटेक के 32वां स्थापना दिवस पर “गांधी ही विकल्प” विषय पर, उपसभापति, राज्य सभा, हरिवंश का व्याख्यान

ROHIT SHARMA / ABHISHEK SHARMA

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ग्रेटर नोएडा  (02/10/2019) ;– बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी (बिमटेक) का 32वां स्थापना दिवस समारोह 29 सितंबर से आज यानी 3 अक्टूबर तक मनाया गया।  स्थापना दिवस समारोह के मुख्य अतिथि राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश रहे।



बिमटेक के निदेशक डा.हरिवंश चतुर्वेदी ने बताया कि संस्थान की स्थापना 1988 में बिरला अकादमी ऑफ आर्ट एंड कल्चर के मार्गदर्शन से हुई थी। संस्थान छात्रों के साथ मिलकर सकारात्मक माहौल बनाने के लिए कड़ी मेहनत करता है। यह महात्मा गांधी की 150वीं जयंती भी है। हम उनकी विचारधारा को हमेशा आत्मसात करते हैं। गांधी हमें स्पष्ट वैचारिक सोच और संदेश के साथ आगे बढ़ने के लिए कहते हैं। इसलिए उनके अनुसार हमें ज्ञान प्राप्त करने में कभी असफल नहीं होना चाहिए। कभी भी सामान्य गुणों को नहीं छोड़ना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आज हमारा देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया गांधी जी की 150वीं वर्षगांठ बना रही है। यह अवसर बिमटेक के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण हैं, जो कि हमारा 32 वा स्थापना दिवस है। बिरला परिवार का बापू (गाँधी जी) से विशेष संबंध रहा। 22 वर्ष की उम्र में बिरला परिवार के मुखिया जी.डी बिरला उनसे मिले थे और वह मुलाकात ऐसे संबंध के रूप में बदल गई कि जीवन भर दोनों एक दूसरे के लिए मददगार साबित हो गए।

उन्होंने कहा कि बिरला जी के मेंटर थे गांधीजी एवं घनश्याम दास बिरला गांधीजी के लिए परिवार की तरह थे। इतिहास में दर्ज है कि गांधीजी दिल्ली में जब भी ठहरते थे, तो बिरला हाउस में उनके लिए विशेष व्यवस्था की जाती थी। देश का दुर्भाग्य था कि 30 जनवरी 1948 को उनकी हत्या कर दी गई थी।

उन्होंने कहा कि हमारे बिरला परिवार ने हमको विरासत में कुछ मूल्य दिए हैं और वह मूल्य गांधी जी के विचारों से, गांधी जी के दर्शन से, गांधीजी की परंपरा से जुड़े हैं। हमारे विजन और मिशन में उल्लेख करते हैं, हर मौके पर कि हमारे संस्थान में प्रोटो शिक्षा को कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के तहत जोड़ते हैं। गांधी जी ने ट्रस्टीशिप का सिद्धांत दिया जिसके लिए जी.डी बिरला ने फिक्की की स्थापना की। जी.डी बिरला ने अपने परिवार के लिए भी गांधीजी के सिद्धांतों को निर्धारित किया।

एक पत्र उन्होंने हमारे संस्थापक बी.के बिरला के लिए लिखा, जिसमें उन्होंने लिखा की जो भी धन वे छोड़कर जा रहे हैं, वह उसका गलत इस्तेमाल ना करें। बल्कि यह समाज कल्याण के लिए इस्तेमाल किया जाए। इस धन से और अधिक धन बनाकर समाज हित में कार्य किए जाएं।

राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने कहा कि सबसे पहले मैं बिमटेक को उनके 32वें स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देना चाहूंगा। जैसा कि आपने सुना की बिरला जी और गांधी जी हमारी आजादी की लड़ाई के दौरान श्रेष्ठ ढंग से सोचने वाले लोग थे। मैं उम्मीद करता हूं कि यह संस्था आने वाले समय में भी इसी तरह गौरवमय अपनी पहचान बनाएगी।

उन्होंने कहा, जैसा कि हम सब जानते हैं कि आज पूरा विश्व गांधी जी की 150वीं वर्षगांठ बना रहा है। मैं मानता हूं कि जब हम आपकी संस्था में 150वीं वर्षगांठ के बारे में चर्चा कर रहे हैं और जो इसकी थीम हैं, “गांधी ही विकल्प” है। तो हमें खासतौर से जो यहां पर युवा बैठे हैं, उन्हीं की तरह सोचना चाहिए।

मैं मानता हूं कि हमारे जैसे लोगों ने जीवन का लंबा हिस्सा देख लिया है।  तो हमें खास तौर पर सोचना चाहिए कि गांधी की उनके जीवन में क्या विशेषता होनी चाहिए।  150 वीं वर्षगांठ पर उन्हें गांधी के बारे में किस तरह से सोचना चाहिए। क्योंकि यह उम्र ऐसी है कि लोग नए सपने देखते हैं, उनके भीतर नई आकांक्षाएं जागृत होती हैं, जीवन में कुछ करने की ललक इसी उम्र से पैदा होती है।

उन्होंने कहा कि मैंने कुछ दिनों पहले एक खबर देखी जो पूरी दुनिया में बेहद चर्चित हुई। एक बहुत कम उम्र की लड़की ग्रेटा थनवर्ग, जो स्वीडिश एनवायरमेंटल एक्टिविस्ट है। उसने किस तरह यूएन के आगे प्रदर्शन किया और वह पिछले लगभग कई वर्षों से इसके लिए प्रदर्शन करती आ रही है। उसने बताया कि अगर हमने अभी अपने पर्यावरण को बचाने की कोशिश नहीं की तो हमारी आने वाली पीढ़ी को खुले में सांस लेने  के लिए संघर्ष करना पड़ेगा।

2011 में जब वह 8 वर्ष की थी तब से वह पर्यावरण को लेकर प्रतिरोध कर रही है। बातें बहुत हो चुकी है, अब कुछ ऐसा होना चाहिए , जिससे दुनिया सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि हाल ही में एक किताब आई है जिसमें 21वी सदी को लेकर 21 बड़े सवाल उठाए गए हैं। जो हमारी आने वाली पीढ़ी के भविष्य को तय करेंगे। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में तकनीकी बदलाव आया है।  पहले सोच दुनिया को चलाती थी, अब दुनिया तकनीक से चलती है।

टेक्नोलॉजी ने पूरी दुनिया को बदल कर रख दिया है।  उनका कहना है कि 2 वर्ष पहले दुनिया के बहुत बड़े वैज्ञानिक की एक पुस्तक आई  जो कि आज के समय में सभी विद्यार्थियों को पढ़नी चाहिए। अगर उन्हें अपना भविष्य बनाना है तो यह किताब उनकी बेहद मदद करेगी। उनका कहना है कि आप गांधी को मत पढ़िए, अगर भविष्य बनाना है तो स्टीफन हॉकिंग की पुस्तक “ब्रीफ आंसर टू बिग क्वेश्चंस” को पढ़िए। जिसमें जीवन के मूल्यों को बेहद बारीकी से समझाया है और एक विद्यार्थी जीवन में यह किताब बेहद गहरा प्रभाव डाल सकती है।

उपसभापति ने कहा की गांधी  एक युग है। गांधी एक सोच है जिस पर हमारी आने वाली पीढ़ियों को चलना होगा और हमें बढ़ती हुई जनसंख्या प्रदूषण घटते पानी के स्तर या बढ़ती बीमारियों के बारे में गहनता से सोच कर इन के उपाय करने होंगे ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियां भय मुक्त जीवन जी सकें।

इस मौके पर जिन्होंने 10 साल  से अधिक समाज के लिए बेहतरीन कार्य किए है, उन लोगों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। जिनमे एनएमआरसी के कार्यकारिणी निदेशक पीड़ी उपाध्याय, परीचौक डॉट कॉम के संस्थापक गजानन माली, ग्रेटर नोएडा उद्योग एसोसिएशन के अध्यक्ष आदित्य घिल्डियाल, फादर एग्नेल स्कूल के फादर बेंटो समेत अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल हैं।

वहीं दूसरी ओर नोएडा प्रेस क्लब की प्रथम वार्षिक पत्रिका “फ्री स्पीच” का विमोचन राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह के द्वारा की गई। वहीं नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा प्रेस क्लब की टीम इस मौके पर उपस्थित रही।

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