सिक्स सिगमा हेल्थकेयर ने द्वारका में शुरू किया कोविड केयर सेंटर

नई दिल्ली (द्वारका): दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से जिस प्रकार कोविड के केस बढ़ते चले जा रहे हैं और स्थिति दिन पर दिन विकराल रूप लेती चली जा रही है ऐसी विकट घड़ी में हेल्थ केयर क्षेत्र में जाना माना नाम सिक्स सिग्मा हेल्थ केयर ने एक बार फिर मानवता का हाथ बढ़ाया है, और देश के प्रति अपने निस्वार्थ सेवा भाव को दिखाया है|

डीएम नवीन अग्रवाल (साउथ वेस्ट दिल्ली) के आग्रह पर सिक्स सिगमा हेल्थ केयर ने सेक्टर 9 द्वारका में एक कम्युनिटी सेंटर को कोविड केयर हॉस्पिटल में तब्दील किया है तथा समाज और देश में कोविड ने जिस प्रकार अपने पैर पसार रखे हैं उसको उखाड़ फेंकने की शपथ ली है| यह कम्युनिटी सेंटर कोई आम कम्युनिटी केयर सेंटर नहीं है, यह कोविड केयर सेंटर अपने आप में सुविधाओं से पूर्णता लैस है कोविड से बचाव के लिए सभी प्रकार के इंतजाम यहां पर सिक्स सिग्मा ने किए हैं| सिक्स सिगमा हेल्थ केयर के सीईओ (प्रोफ़ेसर) डॉक्टर प्रदीप भारद्वाज ने खुद इस कम्युनिटी सेंटर की कमान अपने हाथों में ली हुई है, उन्होंने मौके पर पहुंचकर कम्युनिटी सेंटर में मरीजों के लिए किस प्रकार की सुविधाएं रहेंगी, मरीजों को किस प्रकार से जल्दी से जल्दी ठीक किया जा सके इन सभी बिंदुओं पर डीएम नवीन अग्रवाल के साथ बातचीत की ताकि जिस प्रण को लेकर इस कोविड केयर सेंटर की शुरुआत हुई है उस को अंजाम तक पहुंचाया जा सके|

जब डॉक्टर प्रदीप भारद्वाज से इस कोविड केयर सेंटर के बारे में चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि इस प्रकार के सेंटर आज के समय में बहुत ज्यादा जरूरी है और उपयोगी भी सिद्ध हो रहे हैं, तथा साथ ही साथ उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रकार के कोविड केयर सेंटर को चलाना कोई आसान काम नहीं है क्योंकि चाहे वह जगह का प्रबंध हो, दवाएं, पेशेंट बेड, ऑक्सीजन हो, सारी सुविधाएं ऐसे समय प्राप्त हो जाती है पर सबसे ज्यादा समस्या स्टाफ की आती है ऐसे समय में सिक्स सिगमा एक विकल्प है जिसने अपने डॉक्टर, नर्सिंग, पैरामेडिकल और एडमिनिस्ट्रेशन स्टाफ को ऐसी भयावक स्थिति के लिए मानसिक और शारीरिक तौर पर तैयार किया हुआ है|

नोडल ऑफ़िसर भारत शर्मा ने बताया कि हमने अपने स्टाफ को इंडियन आर्मी, बीएसएफ, आइटीबीपी, एनडीआरएफ एयरपोर्ट्स, से ट्रैन कराया हुआ है ऐसी स्थिति हमारे लिए कोई बड़ी समस्या नहीं है क्योंकि सिक्स सिगमा हमेशा से ही विषम परिस्थितियों के लिए जाना जाता है चाहे वह समस्या “पहाड़ों” पर घटित हो या फिर “मैदानी”  इलाकों में| “मैं” और “मेरी” टीम पूर्णता सक्षम है|

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