दिल्ली : कर्ज में डूबे चाचा ने अपनी भतीजी के अपहरण की साजिश, पुलिस ने गिरफ्तार कर 24 घंटे में सुलझाया केस
Rohit Sharma
नई दिल्ली :– दिल्ली पुलिस ने 4 साल की बच्ची के अपहरण की कोशिश के केस को महज 24 घंटे में सुलझाकर बड़ी कामयाबी हासिल की है। शकरपुर इलाके में 4 साल की बच्ची के अपरहण की कोशिश का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था।
एक शख्स ने सड़क के बीच में अपरहण करने आए बदमाशों को रोकने की कोशिश की। ये घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। बदमाशों से बच्ची को तो बचा लिया गया , लेकिन इस खबर के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
पुलिस को इस बात की सूचना मिलते ही पुलिस ने तहकीकात शुरू कर दी। दिल्ली शकरपुर में रहने वाले तरुण गुप्ता की 4 साल की बच्ची के अपरहरण की कोशिश की गई। बच्ची घर के बाहर खड़ी थी, जैसे ही बदमाशों ने उसे उठाकर ले जाने की कोशिश की बच्ची जोर से रोने लगी।
बच्ची की आवाज सुन उसकी मां दौड़ कर बाहर आई और बच्ची को छुड़ाने की कोशिश की। आवाजें सुन पड़ोसी भी बाहर को आए और बदमाशों को पकड़ने का प्रयास किया। खुद को फंसता देख बदमाश भागने लगे। एक पड़ोसी उनके पीछे भागा।
वहीं दूसरे ने उन्हें दूर से आता देख गली के बीचों बीच में स्कूटी लगा दी। हालांकि बदमाश इन्हें चाकू दिखाकर भागने में कामयाब रहे। ये पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू की और 24 घंटे के अंदर केस को सुलझाते हुए तरुण गुप्ता के भाई उपेंद्र गुप्ता को उसकी भतीजी के अपहरण की साजिश रचने के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया।
उपेंद्र ने पुलिस को बताया कि उस पर 20 लाख रुपये का कर्ज हो गया था जिसके कारण उसने अपरहण की योजना बनाई थी। उपेंद्र का साथी धीरज इस जुर्म मे उसके साथ था। धीरज की बाइक पुलिस के हाथ लग चुकी थी, जिसके जरिए पुलिस धीरज तक पहुंची और उसके बाद उपेंद्र को गिरफ्तार किया गया।

