नेशनल एजुकेशन पॉलिसी – 2020 के इंप्लीमेंटेशन पर शोभित विश्वविद्यालय में राउंड टेबल वेबीनार का आयोजन

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आज शोभित विश्वविद्यालय मेरठ में  विश्वविद्यालय एवं सोसायटी फॉर प्लांट रिसर्च (वेजिटोस) ने संयुक्त रुप से नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के इंप्लीमेंटेशन पर राउंड टेबल डिस्कशन  पर वेबीनार का आयोजन किया गया।  जिसमें  अलग-अलग विश्वविद्यालयों के 30 से अधिक कुलपति, साइंटिस्ट एवं  शिक्षाविदों ने   6 टेक्निकल सेशन में  वक्ता के रूप में सहभागिता  करते हुए  नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020  के इंप्लीमेंटेशन  पर अपने विशेष सुझाव दिए।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में बोलते हुए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति कुंवर शेखर विजेंद्र ने इस वेबीनार के महत्व को बताते हुए कहा कि यह नेशनल एजुकेशन पॉलिसी पांच स्तंभ एडेप्टेबिलिटी, एफिशिएंसी, इन्नोवेटिवटी, अपॉर्चुनिटी एवं यूनिवर्सलाइजेशन पर आधारित है। उन्होंने कहा की इस वेबीनार में  नई एजुकेशन पॉलिसी के इंप्लीमेंटेशन को सरल करने के लिए विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों द्वारा दिए गए सुझावों को  एमएचआरडी  एवं यूजीसी को भेजा जाएगा। जिसकी सहायता से दूसरे विश्वविद्यालयों को  नई एजुकेशन पॉलिसी को अपने-अपने विश्वविद्यालयों में इंप्लीमेंट करने में  सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि हमें ब्लूम टैक्सनॉमी पर आधारित आउटकम बेस्ड लर्निंग  शिक्षा छात्रों को दे रहे हैं जिसमें अंडरस्टैंडिंग, रिमेंबरिंग, अप्लाई आदि पर तो हमारा फोकस है। लेकिन क्रिएटिंग  कहीं पीछे रह गया है जिसको हमें आगे लाने की आवश्यकता है। हमें  नए अवसरों की तलाश कर  कुछ नया क्रिएट करने की आवश्यकता है । इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए  विश्वविद्यालय ने अपने यहां स्किल एंटरप्रेन्योरशिप इन्नोवेशन जोन की स्थापना की है । जिसमें इंडस्ट्री अकैडमीया इंटरफ़ेस  के अंतर्गत स्टार्टअप, नई स्ट्रेटजी, इन्नोवेशन एवं ब्रेनस्टॉर्मिंग  सेशन कराए जाते हैं । उन्होंने कहा कि  समय बदल गया है । हमें एक दूसरे से सीखने की आवश्यकता है। इस नई एजुकेशन पॉलिसी  को इंप्लीमेंट करने के लिए किसी का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है बल्कि हमें इसे इंप्लीमेंट कर देना चाहिए। अब हमें एक्शन जोन से ग्रोथ जोन में जाने की आवश्यकता है।

 इस अवसर पर पूर्व कुलपति एवं चेयरमैन पीपीवी एंड एफआरए  प्रेसिडेंट सोसायटी फॉर प्लांट रिसर्च प्रो आरआर हांचैनल ने नई एजुकेशन पॉलिसी को 21वी सदी के गोल के रूप में देखते हुए कहा कि हमें बायोडायवर्सिटी, ग्लोबल लिंकेज, आईपीआर सेंट्रिक एवं ई- नॉलेज  पर फोकस करने की आवश्यकता है । फाउंडर एवं सेक्रेटरी जनरल सोसायटी फॉर प्लांट रिसर्च वेजिटोस प्रोफेसर डॉ एसके भटनागर ने सभी  शिक्षाविदों का स्वागत  करते हुए सोसाइटी के बारे में  बताया ।

पहले टेक्निकल सेशन में बोलते हुए एमेरिटस साइंटिस्ट आईएआरआई प्रो अनुपम वर्मा स्किल्ड एजुकेशन पर फोकस करते हुए हाई क्वालिटी एजुकेशन पर जोर दिया ।  प्रो पीपी ध्यानी कुलपति एसडीएसयू उत्तराखंड  ने ताकि सभी विश्वविद्यालय में एक समान नियम कानून होने चाहिए और कोर्स की सीटों की संख्या निर्धारित होनी चाहिए । उच्च शिक्षा के प्रबंधन के लिए हर स्टेट को स्टेट रेगुलेटरी बॉडी का गठन करना चाहिए । इसके अलावा सभी विश्वविद्यालय को इस नीति को इंप्लीमेंट करने के लिए अपने-अपने विश्वविद्यालय में टास्क फोर्स का गठन करना चाहिए । जिससे इसकी इंप्लीमेंटेशन को सरल किया जा सके। प्रो एमपी यादव पूर्व कुलपति सरदार पटेल एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी मेरठ ने कहा कि हमें स्किल्ड वर्क फोर्स की आवश्यकता है ।  जिसके लिए हमें  अपने शिक्षकों की ट्रेनिंग कराने की आवश्यकता है।  प्रो गुरमीत सिंह कुलपति पांडिचेरी यूनिवर्सिटी  ने कहा कि आज का यह दिन वाइस चांसलर डे है । उन्होंने स्किल डेवलपमेंट पर जोर देते हुए कहा कि हमें अपनी टीचिंग में ट्रांसफार्म लाने की आवश्यकता है । प्रो आरके मित्तल कुलपति सरदार पटेल एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी ने एक्सेस, इक्विटी, अफॉर्डेबिलिटी एवं अकाउंटेबिलिटी पर अपने विचार व्यक्त  करते हुए मल्टीपल एग्जिट और मल्टीपल एंट्री सिस्टम की सराहना की । चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एनके तनेजा जी ने कहा कि हमारे विश्वविद्यालय  में 12 सौ से अधिक एफिलिएटिड कॉलेज रजिस्टर्ड है जो अपने आप में एक चुनौती है। उन्होंने कहा  की नई एजुकेशन पॉलिसी के इंप्लीमेंटेशन में प्राइवेट विश्वविद्यालयों का रोल बहुत अधिक है  इसके अलावा पाठ्यक्रम के सिलेबस को अपग्रेड करने की आवश्यकता है। जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर एचएन वर्मा ने कहा कि  हमें चाइल्डहुड एजुकेशन को मजबूत करने की आवश्यकता है। हम अच्छे  विद्यार्थियों को  प्रोड्यूस करने की आवश्यकता है। दूसरे टेक्निकल सेशन में बोलते हुए कोल्हन यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ गंगाधर पांडा  ने वेदिक एजुकेशन सिस्टम पर अपने विचार व्यक्त किए। ज्योति विद्यापीठ वुमन यूनिवर्सिटी की कुलपति डॉ रूही  दहिया  ने कहा कि एग्रीकल्चर कोर्स को  सीबीएसई के सिलेबस में डालना चाहिए। हमें प्राइमरी एजुकेशन से ही पर्सनालिटी डेवलपमेंट  का  विषय सभी पाठ्यक्रम में डाल देना चाहिए ।  मेंबर बार काउंसिल दिल्ली डॉ शशांक मोरिया ने कहा कि आईपीआर का सब्जेक्ट सभी एजुकेशन सिस्टम में कंपलसरी कर देना चाहिए ।  डॉ एमजे तिवारी पूर्व सेक्शनल प्रेसिडेंट एनवायरमेंटल साइंस इंडियन साइंस कांग्रेस ने  एनवायरमेंट पर जोर देते हुए कहा कि हमें प्राइमरी एजुकेशन से हायर एजुकेशन तक एनवायरमेंटल साइंस मैंडेटरी कर देनी चाहिए । और हमें छोटे-छोटे जंगल  डिवेलप करने चाहिए ।  प्रोफेसर अरुण पांडे कुलपति मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी ने कहा कि हमें  छात्रों को 3 साल के प्रोजेक्ट के लिए ग्रांट देनी चाहिए । जिससे अगर उस प्रोजेक्ट में कोई लीड मिलती है तो उस पर आगे और बेहतर रिसर्च हो सके और छात्रों को रिसर्च करने में प्रोत्साहन मिल सके ।  प्रो आर मुथूचीलियन  मल्टीडिसीप्लिनरी रिसर्च पर जोर दिया। चौथे टेक्निकल सेशन में बोलते हुए डॉ हनुमान  प्रसाद शर्मा ने  राइट टू यूनिफॉर्म एजुकेशन  पर अपने विचार व्यक्त किए । शोभित विश्वविद्यालय गंगोह के  कुलपति प्रोफेसर रंजीत सिंह ने  छात्रों पर जोर देते हुए कहा कि छात्रों को भी इस तरह के स्किल बेस्ड पाठ्यक्रम को अपनाना चाहिए और सरकार को छात्रों के लिए बजट देने की आवश्यकता है । और हमें अपनी एडजस्टिंग एजुकेशन  पॉलिसी को पूरी तरह से बदलने की आवश्यकता है । कार्यक्रम के अंत में बोलते हुए शोभित विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एपी गर्ग ने कहा कि एजुकेशन सिस्टम में सब कुछ शिक्षकों पर निर्भर करता है । इसलिए हमें अपने शिक्षकों की ट्रेनिंग के लिए एक बड़े प्रोग्राम को चलाने की आवश्यकता है और जिसे हमें  प्रमुखता से देखना चाहिए । इसी के साथ साथ हमें अपने सिलेबस को  बदलने की आवश्यकता है इसी के साथ साथ हमें अपने शिक्षकों को  वेतन के साथ  स्किल डेवलपमेंट एवं पॉलिसी इंप्लीमेंटेशन से जुड़े  कार्यक्रमों मे  भेजने की आवश्यकता है ।  सरकार को शिक्षकों की ट्रेनिंग के लिए ट्रेनर चिन्हित करने की आवश्यकता है  जिससे नई एजुकेशन पॉलिसी को बेहतर तरीके से क्रियान्वित किया जा सके । इसके अलावा एकेडमीया और इंडस्ट्री को एक साथ मिलकर काम करने की आवश्यकता है  वेबीनार का मॉडरेशन प्रिंसिपल साइंटिस्ट डिवीजन ऑफ माइक्रोबायोलॉजी आईएआरआई प्रोफेसर सुनील  जी द्वारा किया गया  वेबीनार के अंत में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एपी गर्ग ने सभी वक्ताओं को धन्यवाद ज्ञापित किया । वेबीनार को फेसबुक लाइव एवं यूट्यूब लाइव के द्वारा  2917 लोगों द्वारा देखा गया ।

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